शिवकाशी एक ऐसा शहर है जो अपने पटाखों तथा माचिस के उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है। यह तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित है। यहां स्थित कुछ महत्वपूर्ण मंदिर एवं विभिन्न मौसमों में मनाए जाने वाले कुछ रंगीन स्थानीय त्योहारों के कारण यह स्थान उभरते हुए पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है।
शिवकाशी के तथा उसके आसपास के पर्यटक स्थल
शिवकाशी के अन्य आकर्षणों में श्री भद्रकालीअम्मान मंदिर, पराशक्ति मरियम्मा मंदिर, तिरुतनंगल, श्री वेंकटचलपति, मरियम्मा कोइल, अइयनर झरना, मुदलियार ऊतु, पिलवक्कल बांध, नेन्मेनि, कुल्लूर संधाइ जलाशय और वेंबाकोट्टाइ शामिल हैं। शिवकाशी का इतिहास लगभग 600 साल पुराना है।
राजा हरिकेसरी परक्किराम पांडियन, दक्षिणी मदुरै के शासक, जिसके राज्य का शिवकाशी एक हिस्सा था ने राज्य के इस हिस्से में काशी (वाराणसी) से लाया हुआ एक शिवलिंग स्थापित किया। इसलिए, 'काशी के शिवलिंग' से पवित्र हुए इस स्थान को शिवकाशी के नाम से जाना जाने लगा।
बाद में राजा पांडियन और राजा थिरुमलाई नायकर ने इस प्रसिद्ध शिव मंदिर को विस्तृत किया तथा यह मंदिर काशी विश्वनाथ स्वामी मंदिर के रूप में जाना जाने लगा। आज, यह मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक प्रसिद्ध आकर्षण बन गया है।
शिवकाशी मौसम
शिवकाशी, साल भर अत्यंत गर्म और शुष्क मौसम को अनुभव करता है और विशेष रूप से अप्रैल से जून महीने के दौरान। इसलिए गर्मियों के महीनों में इस शहर की यात्रा करना उचित नहीं है। अक्टूबर से मार्च महीने के बीच का समय शिवकाशी की यात्रा के लिए साल का सर्वश्रेष्ठ समय है।
कैसे पहुंचें शिवकाशी
शिवकाशी की यात्रा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह शहर तमिलनाडु के बाकी शहरों से ट्रेनों तथा बसों द्वारा अच्छी तरह जुड़ा है। 74 किमी की दूरी पर स्थित मदुरै हवाई अड्ड़ा शिवकाशी के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्ड़ा है।



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