सोनीपत, सोनीपत जिले का कस्बा और मुख्यालय है। यह राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र के अन्तर्गत आता है और दिल्ली से 20 किमी की दूरी पर है। यह शहर महाभारत के समय में पाण्डवों द्वारा स्वर्णप्रस्थ के रूप में स्थापित किया गया था।
महाकाव्य के अनुसार पाण्डवों में सबसे बड़े युधिष्ठिर ने इस स्थान को दुर्योधन से शान्ति के बदले में माँगा था। हलाँकि इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है लेकिन पाणिनी के अष्टाध्ययी में सोनीपत का उल्लेख मिलता है। इसका मतलब यह है कि इस शहर का अस्तित्व लगभग 600 ईसा पूर्व का है।
सोनीपत के दर्शनीय स्थल एवं आकर्षण
सोनीपत का प्रमुख आकर्षण ख्वाजा खिज्र की कब्र है। यह कब्र इब्राहिम लोधी के शासन काल के सन्त और उनके पुत्र के पनाह की अन्तिम स्थान थी। एक ऊँचे चबूतरे पर निर्मित यह कब्र 1522 से 1525 ई0 में बनाई गई थी। यह उन चुनिन्दा इमारतों में से है जिनमें लाल बलुये पत्थर के साथ-साथ कंकड़ के टुकड़ों का प्रयोग किया गया है। कब्र भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।
सोनीपत का मौसम
सोनीपत की जलवायु बहुत ही गर्म और शुष्क होती है।
सोनीपत कैसे पहुँचें
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