रहस्यमयी व शांत भूमि, सुचिन्द्रम, एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है एवं तमिलनाडू के कन्याकुमारी में स्थित है। यह स्थान मुख्य रूप से थानुमलयन मंदिर के कारण एक बहुत ही लोकप्रिय तीर्थ स्थल है। प्राचीन काल में, यह शहर त्रावणकोर का गढ़ था।
त्योहारों का आनन्द
यह स्थान मरकजी और चित्तरई नामक दो त्यौहारों के लिए प्रसिद्ध है। पूरे तमिलनाडू तथा पड़ोसी राज्यों से लोग सुचिन्द्रम में इन त्योहारों में हिस्सा लेने के लिए आते हैं। मरकजी सर्दियों में, या दिसम्बर या जनवरी में मनाया जाता है तथा आयोजन नौ दिनों तक चलता रहता है, तथा आखिरी दिन हिन्दु देवताओं को तीन सजी गाड़ियों में रखकर जुलूस की शक्ल में पूरे शहर में घुमाया जाता है। दूसरा त्योहार चित्तरई अप्रैल व मई में मनाया जाता है।
मंदिर एवं देवता
यद्धपि, नगर थानुमलायन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन शहर में अनेकों दूसरे मंदिर भी हैं। ये हैं, द्वारका कृष्णन मंदिर, मुनुथिट्टनकाई मंदिर, असाराम्म सास्त मंदिर, करूपासमी कोई, थामौरन थम्पुराती मंदिर, अक्करई मंदिर, असरम्मम असूया तथा अथरी मुनिवर होम कुन्दम, स्राममरूलिकु श्री भूतनाथमाद अन्थमपुरा मीनाक्षी अम्मन कोविल, मुथरम्मन मंदिर तथा पेराम्बलम नटराजन मंदिर।
इन मंदिरों की उपस्थिति के बावजूद, थानुमलयम मंदिर ही है, जो तीन अलग-अलग हिन्दु देवताओं के अद्वितीय प्रस्तुतीकरण के कारण तीर्थयात्रियों को अपनी ओर खींचता है।
सुचिन्द्रम में मुख्य आकृषण थानुमलयन मंदिर तथा कोलाचल का ऐतिहासिक नगर है, जो सुचिन्द्रम के बेहद करीब है।
सुचिन्द्रम कैसे पहुंचें
शहर का नजदीकी हवाई अड्डा तिरूवनन्तपुरम में है, तथा नजदीकी रेलवे स्टेशन कन्याकुमारी रेलवे स्टेशन है। हालांकि, किसी भी दक्षिण भारतीय शहर से सुचिन्द्रम के लिए प्रत्यक्ष बस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है।
सुचिन्द्रम का मौसम
गर्मियों के मौसम में बहुत गरम मौसम रहता है तथा गर्मियों को छोड़कर सुचिन्द्रम का मौसम लगभग पूरे साल एक सा बना रहता है।



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