बारडोली शहर 1918 में सरदार वल्लभभाई पटेल के ’नो टैक्स’ आंदोलन का जन्म स्थान है। बाद में सरदार ने इस शहर से ब्रिटिश टैक्स के विरुद्ध भी आंदोलन आरंभ किया। वास्तव में ये सभी घटनाएं दांडी से नमक मार्च यानि गांधीजी के नमक सत्याग्रह में सरदार की भागीदारी की अग्रदूत थी। बारडोली में उस गौरवशाली इतिहास की यादगार के रूप में स्वराज आश्रम, उद्यान, संग्रहालय, खादी कार्यशालाएं और ऐतिहासिक अंबो भी है जो कि एक आम का पेड़ है जिसके नीचे गांधीजी ने भारत के लिए होम-रूल की घोषणा की थी।



Click it and Unblock the Notifications