जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश की वजह से अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आज, 21 जुलाई को जम्मू से निकलने वाले जत्थे को रोक दिया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आगे बढ़ने के लिए आधिकारिक अनुमति मिलने तक का इंतजार करें।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल बालटाल या नुनवान बेस कैंप के लिए कोई भी वाहन रवाना नहीं किया जा रहा है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्ते काफी फिसलन भरे और खतरनाक हो गए हैं। जो श्रद्धालु पहले से बेस कैंप पहुंच चुके हैं, उन्हें सुरक्षित शेल्टर में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन इन केंद्रों पर भोजन और चिकित्सा सहायता मुहैया करा रहा है।

अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा: रिशेड्यूलिंग और रिफंड से जुड़ी जानकारी
अगर मौसम की वजह से आपकी यात्रा में देरी हो रही है, तो सबसे पहले अपना रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) स्टेटस चेक करें। आमतौर पर मौसम खराब होने पर प्रशासन रजिस्ट्रेशन की तारीखों को आगे बढ़ा देता है। अगर आपका हेलीकॉप्टर स्लॉट कैंसिल हो गया है, तो आप ऑनलाइन फुल रिफंड के लिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। ज्यादातर प्राइवेट एयरलाइंस और भारतीय रेलवे की भी ऐसी स्थितियों के लिए खास पॉलिसी होती है। रिफंड क्लेम करने के लिए अपनी ओरिजिनल बुकिंग रसीदें जरूर संभाल कर रखें।
मानसून के इस अनिश्चित मौसम में अपडेट रहना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। जरूरी यात्रा सेवाओं और रिफंड की प्रक्रिया समझने के लिए नीचे दी गई टेबल की मदद लें। इससे आपको रूट खुलने तक अपनी बुकिंग मैनेज करने में आसानी होगी। यात्रियों की सहायता के लिए मुख्य ट्रांजिट पॉइंट्स पर ऑफिशियल हेल्पडेस्क भी उपलब्ध हैं।
| सर्विस का प्रकार | क्या करें | कहां संपर्क करें |
|---|---|---|
| हेलीकॉप्टर | ऑटो-रिफंड चेक करें | आधिकारिक पोर्टल |
| RFID टैग | वैलिडिटी बढ़वाएं | बेस कैंप हेल्पडेस्क |
| ट्रेन/फ्लाइट | 'फोर्स मेज्योर' के तहत अप्लाई करें | संबंधित कैरियर/कंपनी |
अमरनाथ और वैष्णो देवी रूट के लिए मौसम का ताजा अपडेट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में संभावना है कि हाईवे हफ्ते के बीच (midweek) तक बंद रहे। हादसों से बचने के लिए भारी बारिश के दौरान ट्रेकिंग करने से बचें। चढ़ाई के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी के रेन गियर और मजबूत जूतों का इस्तेमाल करें। अगर सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो बुजुर्गों को कम ऊंचाई वाले इलाकों में ही रुकना चाहिए।
पल-पल की जानकारी के लिए आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करते रहें। यात्रा स्थगित रहने के दौरान किसी भी अनधिकृत रास्ते या प्राइवेट गाइड के झांसे में न आएं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के लिए आपकी सुरक्षा सर्वोपरि है। थोड़ा धैर्य रखें ताकि आपकी आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके। अपने फोन में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर हमेशा सेव रखें।



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