खराब मौसम के कारण 6 दिनों तक रुकी रहने के बाद, अमरनाथ यात्रा आज 25 जुलाई से आखिरकार फिर शुरू हो गई है। अधिकारियों ने आज सुबह-सुबह जम्मू से श्रद्धालुओं के एक नए जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बेस कैंपों में फंसे हजारों भक्तों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। मौसम में सुधार के बाद अब पहाड़ी रास्तों पर सफर सुरक्षित है, हालांकि श्रद्धालुओं को रुक-रुक कर आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
जम्मू से यह जत्था सुबह 3:00 से 4:30 बजे के बीच छोटी-छोटी टोलियों में रवाना हुआ। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ चल रहे हैं। यात्रा दोबारा शुरू होने से भगवती नगर बेस कैंप में जमा भीड़ अब कम होने लगेगी। रामबन से गुजरते समय यात्रियों को पुलिस के सख्त निर्देशों का पालन करना होगा। सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले भक्तों के लिए ताजा ट्रैफिक अपडेट्स पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

अमरनाथ यात्रा रूट अपडेट: नए जत्थे की रवानगी और रास्तों का हाल
फिलहाल बालटाल और पहलगाम, दोनों रास्तों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। छोटा रास्ता होने के कारण अक्सर बालटाल रूट पहले खुल जाता है, लेकिन भारी बारिश के बाद पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जरूरत होती है। मेंटेनेंस टीमें रास्तों से भूस्खलन का मलबा हटाने में जुटी हैं। श्रद्धालु अपने बेस कैंप से निकलने से पहले अपने रूट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
पहाड़ों में विजिबिलिटी (दृश्यता) सुधरते ही हेलीकॉप्टर सेवाएं भी दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। जिन श्रद्धालुओं के टिकट कैंसिल हो गए थे, वे री-शेड्यूलिंग या रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की वेबसाइट पर डायरेक्ट लिंक दिए गए हैं। पिछले हफ्ते यात्रा से चूके लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज करने के लिए अपनी बुकिंग की डिजिटल कॉपी हमेशा साथ रखें।
मौसम का मिजाज और अमरनाथ यात्रा के लिए जरूरी सेफ्टी टिप्स
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज मौसम कुछ समय के लिए साफ रहेगा। हालांकि, शेषनाग और महागुनास टॉप जैसी ऊंचाई वाली जगहों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। रास्ते में 'सेफ जोन' बनाए गए हैं, ताकि बारिश होने पर श्रद्धालु वहां सुरक्षित इंतजार कर सकें। हर ट्रांजिट पॉइंट पर होने वाली आधिकारिक घोषणाओं को ध्यान से सुनें, इससे भीड़ को मैनेज करने और रास्तों पर जाम से बचने में मदद मिलेगी।
इस लंबी पैदल यात्रा के लिए अच्छे रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग साथ रखना अनिवार्य है। बारिश की वजह से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे और काफी ठंडे हो जाते हैं। किसी भी मेडिकल या लॉजिस्टिक इमरजेंसी के लिए रूट पर मौजूद आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करें। जम्मू-कश्मीर पुलिस और SASB की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। अपनी ट्रैकिंग आसान बनाने के लिए RFID टैग को हमेशा ऐसी जगह लगाएं जहां से वह साफ नजर आए।



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