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कामाख्या मंदिर अंबुबाची मेला: दर्शन के लिए जा रहे हैं? ट्रैफिक और सुरक्षा के ये नियम जरूर जानें

गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में आज से 'प्रवृत्ति' अनुष्ठान के साथ अंबुबाची मेले का आगाज हो गया है। इस भव्य वार्षिक उत्सव में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु नीलाचल पहाड़ियों पर पहुंच रहे हैं। आज दोपहर से मंदिर के गर्भगृह के कपाट आम जनता के लिए बंद कर दिए जाएंगे, जो शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद 26 जून को दोबारा खुलेंगे। मानसून के दौरान होने वाले इस चार दिवसीय मेले में देशभर से भारी भीड़ उमड़ती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गुवाहाटी पुलिस ने ट्रैफिक के कड़े नियम लागू किए हैं और कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल रास्ते और शटल बसें ही मुख्य साधन हैं। पहाड़ी की तलहटी तक जाने वाले मुख्य रास्तों पर निजी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) विशेष बसें चला रहा है, जो रेलवे स्टेशनों से सीधे मेला स्थलों तक कनेक्टिविटी प्रदान कर रही हैं।

Ambubachi Mela 2026: Kamakhya Temple Traffic Rules, Travel Tips, and Safety Guidelines for Pilgrims

अंबुबाची मेला: ट्रैफिक डायवर्जन और परिवहन की पूरी जानकारी

कामाख्या की तलहटी और मालीगांव इलाके के आसपास आज पार्किंग पर पूरी तरह रोक है। नीलाचल हिल रोड पर केवल इमरजेंसी वाहनों और अधिकृत शटल बसों को ही जाने की अनुमति दी गई है। कामाख्या जंक्शन पहुंचने वाले यात्री आधिकारिक ई-रिक्शा स्टैंड की मदद ले सकते हैं। शटल सेवाओं पर दबाव कम करने के लिए स्वस्थ श्रद्धालुओं को पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से चढ़ाई के दौरान रास्ते में बने पीले निशानों (yellow-marked paths) का ही पालन करें।

कार्यक्रम का विवरण श्रद्धालुओं के लिए जानकारी
गर्भगृह के कपाट बंद 22 जून दोपहर
गर्भगृह के कपाट खुलेंगे 26 जून सुबह
मुख्य ट्रांजिट पॉइंट कामाख्या जंक्शन और पलटन बाजार
सेवा प्रदाता असम राज्य परिवहन निगम (ASTC)

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज गुवाहाटी में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। श्रद्धालु अपने साथ छाता जरूर रखें और चढ़ाई के लिए ऐसे जूते पहनें जो फिसलन भरे रास्तों पर सुरक्षित हों। अनुमान के मुताबिक, बेस कैंपों में श्रद्धालुओं को 4 से 6 घंटे तक का इंतजार करना पड़ सकता है। जल्दी 'वीआईपी दर्शन' का वादा करने वाले एजेंटों से सावधान रहें, क्योंकि ये ठगी का तरीका हो सकता है। सभी आगंतुकों को प्रवेश के लिए तय की गई कतार प्रणाली का ही पालन करना होगा।

ठहरने के टिप्स और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें

पलटन बाजार और गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास स्थित बजट होटलों में अर्ली चेक-इन की सुविधा उपलब्ध है। कई श्रद्धालु मुफ्त ठहरने और बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित बेस कैंपों को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्थानीय लॉज में बुकिंग करने से पहले कमरों का रेट जरूर वेरिफाई कर लें ताकि सीजन के नाम पर होने वाली ओवरचार्जिंग से बचा जा सके। भीड़भाड़ में बच्चों का विशेष ध्यान रखें और इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर हमेशा पास रखें। कोई भी सामान खोने पर आधिकारिक हेल्पलाइन की मदद लें।

उमस और गर्मी से बचने के लिए शाम के समय दर्शन का प्लान बनाना ज्यादा आरामदायक हो सकता है। कामाख्या मंदिर की स्थानीय वैदिक परंपराओं का सम्मान करें, क्योंकि यह समय मंदिर के प्रतीकात्मक मासिक धर्म का होता है। नीलाचल पहाड़ी परिसर को साफ रखने में सहयोग करें और कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। यह आध्यात्मिक यात्रा भारत की सांस्कृतिक विविधता और मानसून पर्यटन का एक अनूठा हिस्सा है। उमस भरे मौसम को देखते हुए पूरे दिन खुद को हाइड्रेटेड रखें और पर्याप्त पानी पीते रहें।

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