शनिवार, 19 सितंबर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चारधाम पिलग्रिमेज नौकास्ट (Nowcast) के मुताबिक, सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे (IST) के बीच चारधाम रूट पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे पैदल यात्रा रुक सकती है, गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो सकती है और केदारनाथ के आसपास हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बेहतर होगा कि आप अपनी यात्रा सुबह 10:00 बजे से पहले या दोपहर 1:00 बजे के बाद ही तय करें और साथ में थोड़ा अतिरिक्त समय (बफर टाइम) लेकर चलें।
मौसम विभाग का 10:00 से 13:00 बजे का यह अलर्ट रुद्रप्रयाग-केदारनाथ, जोशीमठ-बद्रीनाथ, उत्तरकाशी-गंगोत्री और बड़कोट-यमुनोत्री रूट के लिए है। हालांकि कोई गंभीर चेतावनी ('NIL') जारी नहीं की गई है, फिर भी गरज के साथ हल्की बारिश के साफ संकेत हैं। अपने साथ रेन कवर या छाता जरूर रखें और संकरे या संवेदनशील रास्तों पर 30 से 60 मिनट का अतिरिक्त समय लेकर चलें। दोपहर के समय मौसम का ताजा अपडेट लेने के लिए डैशबोर्ड जरूर चेक कर लें। पहाड़ी ढलानों वाले रास्तों और तेज हवाओं से प्रभावित होने वाले हेलीपैड क्षेत्रों में थोड़ी सी रुकावट भी बड़ा असर डाल सकती है।

आज कैसी रहेगी चारधाम यात्रा: IMD का अलर्ट और रास्तों का ताजा हाल
| रूट | IMD नौकास्ट | सुरक्षित यात्रा का समय |
|---|---|---|
| रुद्रप्रयाग-केदारनाथ | हल्की बारिश/गर्जन 10:00–13:00 | सुबह 10:00 से पहले या दोपहर 13:00 के बाद |
| जोशीमठ-बद्रीनाथ | हल्की बारिश/गर्जन 10:00–13:00 | सुबह 10:00 से पहले या दोपहर 13:00 के बाद |
| उत्तरकाशी-गंगोत्री | हल्की बारिश/गर्जन 10:00–13:00 | सुबह 10:00 से पहले या दोपहर 13:00 के बाद |
| बड़कोट-यमुनोत्री | हल्की बारिश/गर्जन 10:00–13:00 | सुबह 10:00 से पहले या दोपहर 13:00 के बाद |
हालिया लैंडस्लाइड के कारण इन जगहों पर ट्रैफिक धीमा रह सकता है: सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग (जहां 13 सितंबर को केदारनाथ यात्रा रोकनी पड़ी थी), हेलंग और हाथी पर्वत के पास बद्रीनाथ हाईवे, और पारथादीप में बार-बार रास्ता बंद होना। वहीं यमुनोत्री-गंगोत्री कॉरिडोर पर, बारिश के दौरान नालूपानी और स्यानाचट्टी में लगातार मलबा गिरता रहता है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस श्रद्धालुओं को समूहों (बैच) में आगे जाने की अनुमति दे सकती है।
केदारनाथ पैदल मार्ग और हेली सेवा (फाटा/सिरसी/गुप्तकाशी) की स्थिति
सोनप्रयाग/गौरीकुंड से सुबह जल्दी यात्रा शुरू करें; बारिश और चट्टानें गिरने के खतरे को देखते हुए चेकिंग गेटों पर यात्रियों को रोका जा सकता है। आगे बढ़ने से पहले रुद्रप्रयाग जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) से ताजा निर्देशों की जानकारी लें। हेलीकॉप्टर यात्रियों के लिए बता दें कि उड़ानें पूरी तरह मौसम पर निर्भर करेंगी। फाटा और सिरसी/गुप्तकाशी में पवन हंस और हिमालयन हेली के बेस से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करें। टिकट सिर्फ अधिकृत IRCTC हेलीयात्रा (HeliYatra) पोर्टल से ही बुक करें, किसी दलाल के झांसे में न आएं।
दर्शन का समय, रजिस्ट्रेशन और जरूरी हेल्पलाइन नंबर
केदारनाथ धाम में सुबह की अभिषेक पूजा लगभग 4:30 से 6:30 बजे तक होती है। संध्या आरती सूर्यास्त के समय होती है, जबकि शयन आरती का समय श्रद्धालुओं की कतार पर निर्भर करता है। दोपहर में मंदिर बंद होने के समय होने वाली परेशानी से बचने के लिए या तो सुबह 7:00 बजे से पहले दर्शन कर लें या फिर दोपहर बाद का समय चुनें। अपनी यात्रा का रजिस्ट्रेशन 'टूरिस्ट केयर' (Tourist Care) पर जरूर कराएं। अपने साथ पहचान पत्र (ID) की मूल प्रति और डिजिटल कॉपी दोनों सुरक्षित रखें।
आपात स्थिति के लिए ये जरूरी नंबर अपने पास रखें: टूरिस्ट केयर टोल-फ्री 1364; हेल्पलाइन नंबर 0135-2559898/2552627/3520100। रुद्रप्रयाग DEOC: 8958757335, 8218326386; जिला कंट्रोल रूम: 8534051319। चमोली रेस्क्यू एंड रिलीफ: 1077। दोपहर तक मौसम विभाग का नौकास्ट जरूर चेक कर लें; लैंडस्लाइड वाले इलाकों में रात के समय गाड़ी चलाने से बचें; और दर्शन, सड़क सफर व हेली सेवा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें।



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