भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने डिजिटल दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 23 जुलाई को हुए एक समझौते के तहत अब भारत के 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) को UAE के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा। इस कदम का मकसद दुबई या अबू धाबी जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रा काफी स्मूथ और सुविधाजनक हो जाएगी।
यह फैसला 15वीं जॉइंट कमेटी कमीशन (JCC) की बैठक के दौरान लिया गया। इस पार्टनरशिप का मुख्य फोकस सुरक्षित ई-केवाईसी (eKYC) प्रोटोकॉल के जरिए डिजिटल डेटा शेयर करना है। एक बार पूरी तरह लागू होने के बाद, भारतीय यात्री विदेश में अलग-अलग सेवाओं के लिए डिजिटल प्रूफ दे सकेंगे। इससे अब आपको सरहद पार जाते समय ढेर सारे फिजिकल डॉक्यूमेंट्स साथ रखने की जरूरत नहीं होगी।

DigiLocker से अब दुबई वीजा और eKYC होगा और भी आसान
इस इंटीग्रेशन से पर्यटकों के लिए कई जरूरी काम चुटकियों में हो जाएंगे। अब यात्री डिजिटल क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर आसानी से लोकल सिम कार्ड ले सकेंगे या कार रेंट पर ले पाएंगे। यही नहीं, डिजिटल पहचान शेयर करने से होटलों में चेक-इन की प्रक्रिया भी तुरंत पूरी हो जाएगी। इन बदलावों से पीक हॉलिडे सीजन के दौरान सर्विस काउंटरों पर लगने वाली लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पहले पायलट प्रोग्राम 2026 के अंत तक शुरू हो सकते हैं। हालांकि, जब तक यह प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों को अपने फिजिकल पासपोर्ट और वीजा की कॉपी साथ रखनी चाहिए। पेपरलेस सिस्टम के ऑफिशियल टेस्ट होने तक मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी। किसी भी परेशानी से बचने के लिए फ्लाइट बुक करने से पहले मौजूदा नियमों की जांच जरूर कर लें।
दुबई और अबू धाबी के लिए ऐसे प्लान करें बजट ट्रिप
अगर आप स्मार्ट प्लानिंग करें, तो फिलहाल 50,000 रुपये से कम में 5 दिनों की ट्रिप प्लान की जा सकती है। इस बजट में सस्ती फ्लाइट्स और अच्छे हॉस्टल या बजट होटल में रुकना शामिल है। लोकल ट्रैवल के लिए दुबई मेट्रो का इस्तेमाल कर आप काफी पैसे बचा सकते हैं। साथ ही, डेरा (Deira) जैसे इलाकों में लोकल कैफेटेरिया में खाना आपके डेली खर्च को कम रखेगा।
| कैटेगरी | अनुमानित खर्च (INR में) | पैसे बचाने का तरीका |
|---|---|---|
| फ्लाइट्स | 18,000 से 22,000 | 60 दिन पहले बुकिंग करें |
| ठहरने का खर्च | 10,000 से 15,000 | अल बरशा (Al Barsha) में रुकें |
| खाना-पीना | 7,000 से 10,000 | लोकल डाइनर्स में खाएं |
डिजिटल इंटीग्रेशन भारतीय नागरिकों के लिए इंटरनेशनल टूरिज्म के नजरिए से एक बड़ा बदलाव है। सिस्टम के लाइव होते ही खाड़ी देशों (Gulf countries) की यात्रा करना काफी आसान हो जाएगा। आपको तेज वीजा प्रोसेसिंग की सुविधा मिलेगी और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स का बोझ भी कम होगा। आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें ताकि आपको पता चल सके कि कब आप अपने फिजिकल डॉक्यूमेंट्स घर पर छोड़कर बेफिक्र होकर यात्रा कर सकते हैं।



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