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हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: 10 अक्टूबर को बंद होंगे कपाट, दर्शन के लिए ये है सबसे सुरक्षित समय और जरूरी टिप्स

अपडेटेड 12:00 IST, 26 सितंबर: हेमकुंड साहिब की यात्रा अब अपने आखिरी पड़ाव में है और यहां श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बन गया है। इस सीजन में अब तक तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बता दें कि 10 अक्टूबर को हेमकुंड साहिब के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने सप्ताहांत में चमोली जिले में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में चढ़ाई और दर्शन का प्लान मौसम के मिजाज को ध्यान में रखकर ही बनाएं, ताकि दिन के उजाले में सुरक्षित वापसी हो सके।

मुख्य मंदिर में दर्शन के लिए दो समय तय किए गए हैं: सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से रात 8:00 बजे तक। सुबह जल्दी पहुंचने से आपको लंबी लाइनों से निजात मिलेगी और दोपहर में मौसम बिगड़ने का खतरा भी नहीं रहेगा। ठंडे मौसम में आसानी से चढ़ाई करने के लिए घांघरिया से तड़के ही निकलना बेहतर होगा। गोविंदघाट से घांघरिया के बीच हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है, लेकिन इसके आगे की चढ़ाई आपको पैदल या घोड़े/खच्चर से ही पूरी करनी होगी।

Hemkund Sahib Yatra 2026: Closing Dates, Travel Tips, and Weather Alert Guide

हेमकुंड साहिब दर्शन का समय और ट्रेक की टाइमिंग

विवरण समय सोर्स
हेमकुंड दर्शन सुबह 5:00 से दोपहर 12:00 बजे; दोपहर 2:00 से रात 8:00 बजे इन्क्रेडिबल इंडिया
फूलों की घाटी में प्रवेश सुबह 7:00 बजे से शुरू; आखिरी एंट्री दोपहर 2:00 बजे ई-उत्तरांचल
फूलों की घाटी से वापसी शाम 5:00 बजे तक घांघरिया लौटना जरूरी उत्तराखंड टूरिज्म
घांघरिया से निकलने का सही समय सुबह 5:00 बजे तक ट्रैवल गाइड

ध्यान रखें कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज से ये नियम बहुत जरूरी हैं, खासकर बारिश के मौसम में।

घांघरिया में रुकने की व्यवस्था, परमिट और मौसम का अलर्ट

टूरिस्ट केयर उत्तराखंड पोर्टल पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन करें, अपनी यात्रा प्लान करें और QR कोड वाला यात्रा पत्र साथ रखें। रास्ते में जांच और स्लॉट टोकन के लिए यह जरूरी है। घांघरिया में रुकने के लिए GMVN के कमरे, प्राइवेट लॉज और गुरुद्वारे के डॉर्मिटरी उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी बुकिंग एडवांस में ही करा लें। वहीं, फूलों की घाटी का परमिट घांघरिया चेकपोस्ट से या ऑनलाइन लिया जा सकता है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

चढ़ाई के दौरान ऊंचाई और फिसलन भरे पथरीले रास्तों को देखते हुए अपनी गति बनाकर चलें। घांघरिया से हेमकुंड के बीच घोड़े-खच्चर मिल जाते हैं, लेकिन इन्हें समय पर पाने के लिए तड़के निकलना बेहतर होगा। साथ ही, दोपहर में बारिश शुरू होने से पहले उतरना सुरक्षित रहता है। अपने साथ रेनकोट, गर्म दस्ताने, हेडलैंप और पोर्टर या खच्चर वालों को देने के लिए कैश जरूर रखें। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: टूरिस्ट केयर 0135‑3520100/1364; चमोली कंट्रोल रूम 1077; एम्बुलेंस 108। अपने दस्तावेज और परमिट वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखें।

यात्रा के इस अंतिम चरण में 3 दिनों का आसान प्लान बनाएं: पहले दिन घांघरिया पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन वेरीफाई करवाएं। दूसरे दिन सुबह-सुबह पहले स्लॉट में दर्शन करें और फिर आराम से नीचे आ जाएं। तीसरे दिन अगर मौसम साफ रहे और परमिट मिल जाए, तो समय सीमा का ध्यान रखते हुए फूलों की घाटी का रुख करें। 10 अक्टूबर को कपाट बंद होने वाले हैं, ऐसे में एडवांस बुकिंग, मौसम की जानकारी और सुबह जल्दी शुरुआत करने से आपकी यात्रा सुरक्षित और सुगम रहेगी।

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