26 सितंबर 2026 को उत्तराखंड में मौसम विभाग (IMD) ने मूसलाधार बारिश को लेकर नया रेड अलर्ट जारी किया है। आज और रविवार को राज्य के प्रमुख जिलों में भारी से भारी बारिश का खतरा है। इसे देखते हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड), रास्ते बंद होने और बिजली गुल होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में अगर आप नैनीताल या मसूरी की ओर वीकेंड ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल गैर-जरूरी यात्राएं टाल दें। बेहतर होगा कि आप दिल्ली के आसपास किसी सुरक्षित और सूखे इलाके का रुख करें, जहां होटल और टिकट में रिफंड का विकल्प मिल सके। सफर की शुरुआत करने से पहले सरकारी एडवाइजरी जरूर चेक कर लें।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में रेड अलर्ट लागू है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट रहेगा। रविवार को रेड अलर्ट का रुख बदलेगा और यह देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में प्रभावी हो जाएगा। IMD ने 27 सितंबर तक बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसलिए रवाना होने से पहले अपने रूट का मौसम अपडेट दोबारा जरूर जांच लें।

उत्तराखंड में आज IMD का रेड अलर्ट: जानें प्रभावित जिले और खतरे वाले रास्ते
| तारीख | रेड अलर्ट वाले जिले | ऑरेंज अलर्ट वाले जिले | येलो अलर्ट वाले जिले |
|---|---|---|---|
| 26 सितंबर | बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, उधम सिंह नगर | देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा | हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल |
| 27 सितंबर | देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार | उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग | बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ |
हाल ही में डिमटा बैंड के पास NH‑707A का हिस्सा बह जाने से मसूरी-कैंपटी मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था। कैंपटी, हाथीपांव और झड़ीपानी के आसपास अब भी लैंडस्लाइड के एक्टिव जोन बने हुए हैं। NH‑109 पर हल्द्वानी-भवाली-खैरना और ज्यूलीकोट वाले रास्तों पर भी लगातार मलबा गिर रहा है। वहीं क्वारब बाईपास पर भी हाल के दिनों में आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी थी। भले ही बीच-बीच में धूप खिल जाए, लेकिन संवेदनशील इलाकों में कभी भी रास्ता बंद हो सकता है। इसलिए इस वीकेंड पहाड़ों में ड्राइविंग टालना ही समझदारी होगी।
"स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहां आने वाले सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी सभी से अपील है कि मौसम के मिजाज को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें, गैर-जरूरी यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।"
दिल्ली वालों के लिए वीकेंड के सुरक्षित ऑप्शन: जयपुर, नीमराना, भरतपुर और पुष्कर
अगर आप इस वीकेंड कहीं बाहर निकलने का मन बना रहे हैं, तो पहाड़ों के बजाय जयपुर, नीमराना, भरतपुर या पुष्कर जैसे इलाके ज्यादा सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं। IMD के मुताबिक, इन शहरों में आज आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, दिल्ली में बीच-बीच में बारिश की बौछारें गिर सकती हैं। सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहेगा और होटल की बुकिंग रिफंडेबल ही रखें। यहां मीडियम बजट वाले स्टे आसानी से 2,000 से 4,000 रुपये में मिल जाते हैं, जिनमें फ्री-कैंसिलेशन का ऑप्शन होता है।
यात्रा की योजना समझदारी से बनाएं—होटल, बस या ट्रेन की बुकिंग ऐसी रखें जिसे बिना किसी पेनाल्टी के कैंसिल किया जा सके। निकलने से पहले संबंधित जिले का मौसम पूर्वानुमान, हेल्पलाइन और लाइटनिंग (बिजली गिरने) का अलर्ट जरूर चेक करें। कुछ जरूरी नंबर जैसे IMD की जिलावार चेतावनी, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन (USDMA) का राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र 1070 और आपातकालीन सेवा 112 अपने फोन में सेव रखें। इसके अलावा रेनकोट, ग्रिप वाले जूते, हेडलैंप, पावर बैंक, वाटरप्रूफ बैग और ORS साथ रखें। ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड कर लें और अपने पास पर्याप्त कैश व दो ड्राइवरों के कॉन्टैक्ट नंबर भी रखें।



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