हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर एक बार फिर बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में 2 अगस्त तक के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' बढ़ा दिया है। मौजूदा हालात की बात करें तो प्रदेश भर में 108 सड़कें बंद हैं। अगर आप शिमला या मनाली घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल उसे टालना ही बेहतर होगा। भारी बारिश के चलते लैंडस्लाइड और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन मुख्य रास्तों से मलबा हटाने के काम में जुटा है। राहत की बात यह है कि नेशनल हाईवे 5 (NH-5) को ट्रैफिक के लिए दोबारा खोल दिया गया है। हालांकि, अंदरूनी इलाकों की कई सड़कें अब भी लैंडस्लाइड की वजह से ठप हैं। सफर शुरू करने से पहले लोकल हेल्पलाइन के जरिए रास्तों की ताजा स्थिति जरूर जान लें। किसी भी अनजान रास्ते पर निकलने से पहले रियल-टाइम जानकारी लेना आपको मुश्किल में फंसने से बचा सकता है।

हिमाचल में बंद सड़कें और सुरक्षित ठिकाने
सड़कों के बंद होने का सबसे ज्यादा असर मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों में देखा जा रहा है। इन हाई-रिस्क जोन में रात के समय अचानक पत्थर गिरने (रॉकफॉल) की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अगर आप सुरक्षित यात्रा चाहते हैं, तो सोलन या ऊना के बाहरी इलाकों में रुकने पर विचार कर सकते हैं। कम ऊंचाई पर होने के कारण इन क्षेत्रों में लैंडस्लाइड का खतरा फिलहाल काफी कम है। मानसून के चरम पर होने के कारण घूमने-फिरने से ज्यादा अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
ट्रैवल लॉजिस्टिक्स और शिमला-मनाली ट्रिप से जुड़े अपडेट्स
खराब मौसम की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं में भी बदलाव किए गए हैं। बसें रद्द होने की जानकारी के लिए हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) की वेबसाइट चेक करते रहें। ट्रेन से सफर करने वाले यात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) का इस्तेमाल करें। कालका-शिमला टॉय ट्रेन रूट पर भी अक्सर देरी या ट्रेनों के रद्द होने की खबरें आ रही हैं। स्टेशन जाने से पहले 139 पर कॉल करके शेड्यूल जरूर कन्फर्म कर लें।
| जिला या रूट | सड़क की स्थिति | खतरे का स्तर |
|---|---|---|
| नेशनल हाईवे 5 | सावधानी के साथ खुला | मध्यम |
| शिमला-मनाली अंदरूनी रास्ते | 108 सड़कें बंद | गंभीर |
| सोलन के बाहरी इलाके | पूरी तरह चालू | कम |
पहाड़ों में ड्राइविंग करते समय अभी बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। धुंध और कम विजिबिलिटी की वजह से सूर्यास्त के बाद सफर करने से बचें। अगर आपकी बुकिंग पहले से हो चुकी है, तो होटल की रिफंड पॉलिसी तुरंत चेक करें। कई होटल और टूर ऑपरेटर्स ऐसे मौसम में ट्रिप री-शेड्यूल करने का विकल्प दे रहे हैं। स्थानीय खबरों और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित रहे।



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