16 अगस्त की रात इंडिपेंडेंस डे का लॉन्ग वीकेंड खत्म हो रहा है। इसके साथ ही व्यस्त मुंबई-पुणे रूट पर हजारों यात्री अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। यात्री सही समय पर निकलकर और लाइव वेदर अपडेट्स पर नजर रखकर इस भीषण जाम से बच सकते हैं। ऑफ-पीक आवर्स में निकलने से आपकी वापसी का सफर काफी आसान हो जाएगा।
आमतौर पर खंडाला के पास बोरघाट सेक्शन और खालापुर टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा जाम लगता है। आज दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे के बीच ट्रैफिक अपने चरम पर रहेगा। अगर मुख्य एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां थम जाती हैं, तो पुराना मुंबई-पुणे हाईवे एक बेहतरीन बाईपास साबित हो सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की शिवनेरी बसें भी सफर के लिए एक सुविधाजनक विकल्प हैं।

मुंबई-पुणे हाईवे: वापसी का भारी ट्रैफिक और मौसम की चेतावनी
| निकलने का समय | ट्रैफिक का अनुमान | सुझाया गया रूट |
|---|---|---|
| दोपहर 3 बजे से पहले | सामान्य ट्रैफिक | मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे |
| दोपहर 3 से रात 10 बजे तक | भारी ट्रैफिक जाम | खोपोली होकर पुराना हाईवे |
| रात 10 बजे के बाद | घटता ट्रैफिक (साफ रास्ता) | मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे |
आज रात घाटों के इलाकों में मानसूनी मौसम सफर को चुनौतीपूर्ण बना सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लोनावला के पास तेज बारिश का अनुमान जताया है। चालकों को सलाह दी गई है कि वे गीले हाईवे पर गाड़ियों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) का हेल्पलाइन नंबर 9822498224 चौबीसों घंटे उपलब्ध है। वहीं, खोपोली के पास बजट ढाबों पर 500 रुपये से कम में गर्म खाना और साफ-सुथरी सुविधाएं मिल जाती हैं।
मुंबई-पुणे रूट पर रुकने के किफायती विकल्प
अगर रास्ते में बहुत ज्यादा जाम मिलता है, तो यात्री लोनावला, खोपोली या खालापुर के पास रात बिताने के किफायती विकल्प चुन सकते हैं। 'द हॉस्टलर' और 'जोस्टेल' जैसे हॉस्टल्स में 1,200 रुपये से कम में साफ डॉर्म मिल जाते हैं। वहीं पास के बजट होटलों में 2,500 रुपये से कम में फ्री कैंसिलेशन वाले प्राइवेट कमरे उपलब्ध हैं। सफर के दौरान लाइव मैप की स्थिति चेक करते रहने से यह तय करने में मदद मिलेगी कि आगे बढ़ना सही रहेगा या कहीं रुककर आराम करना।
आज रात बिना किसी परेशानी के घर पहुंचने के लिए सही टाइमिंग और धैर्य बेहद जरूरी है। रात 10 बजे के बाद निकलना या तड़के सफर करना समय और ईंधन दोनों बचाता है। पहाड़ों के फिसलन भरे रास्तों पर मौसम के अपडेट्स पर नजर रखना आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। सही प्लानिंग के साथ आप भीषण जाम में फंसे बिना आराम से अपने घर पहुंच सकते हैं।



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