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नाग पंचमी 2026: त्र्यंबकेश्वर-प्रयागराज में दर्शन की तैयारी? बारिश और नए नियमों का रखें खास ख्याल

देशभर में सोमवार, 17 अगस्त को नाग पंचमी का त्योहार मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। त्र्यंबकेश्वर, प्रयागराज और बत्तीस शिराला जैसे पावन धामों में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम जुटने की उम्मीद है। लोग तड़के ही दर्शन करने और नाग देवता की विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस बार मानसूनी बारिश और वन्यजीवों से जुड़े सख्त नियमों का असर त्योहार के रंग पर साफ देखने को मिलेगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:51 बजे शुरू होकर 8:29 बजे तक रहेगा। वहीं, पंचमी तिथि सोमवार शाम 5:00 बजे तक रहेगी। नासिक के त्र्यंबकेश्वर में पुजारी कालसर्प दोष की विशेष पूजा कराएंगे। कुशावर्त कुंड के पास सुबह होने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। ऐसे में मंदिर जा रहे लोग लंबी कतारों के लिए तैयार रहें और बारिश से बचने के पुख्ता इंतजाम करके ही निकलें।

Nag Panchami 2026: Essential Guide for Trimbakeshwar and Prayagraj Darshan, Weather and Rules

नाग पंचमी दर्शन का समय और प्रयागराज में कतारें

प्रयागराज के दारागंज स्थित ऐतिहासिक नाग वासुकि मंदिर में इस दिन श्रद्धालुओं का बड़ा जमावड़ा रहता है। परंपरा के अनुसार, भक्त पहले त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं और फिर नाग देवता को दूध और फूल अर्पित करते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गंगा तट के आसपास लगातार बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से तय कतार शेल्टरों का उपयोग करने और नदी के जलस्तर पर नजर रखने की अपील की है।

बत्तीस शिराला में सख्त नियम और बारिश को लेकर एडवाइजरी

महाराष्ट्र के बत्तीस शिराला में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत जिंदा कोबरा पकड़ने या उनका जुलूस निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए वन विभाग और पुलिस की टीमें ड्रोन से निगरानी कर रही हैं। श्रद्धालु जिंदा सांपों के अनुष्ठान की जगह केवल स्वीकृत शैक्षणिक प्रदर्शनियां ही देख सकेंगे। इन संरक्षण नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और जेल सहित सख्त कानूनी सजा हो सकती है।

धार्मिक स्थल मुख्य गतिविधि जरूरी सलाह
त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा बारिश से बचाव के साधन साथ रखें
प्रयागराज संगम स्नान और पूजा घाटों पर सुरक्षा अलर्ट का पालन करें
बत्तीस शिराला सांस्कृतिक अवलोकन जिंदा सांपों को पकड़ने पर पाबंदी

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में मानसूनी मौसम को देखते हुए यात्रा की योजना बहुत सोच-समझकर बनाएं। नासिक और सांगली के आसपास तेज बारिश के कारण बसों और ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यात्री अपनी ठहरने की व्यवस्था पहले से ही पक्की कर लें। लंबी कतारों में इंतजार के दौरान सहूलियत के लिए सूखा नाश्ता और वाटरप्रूफ बैग साथ रखें। इसके अलावा, अचानक होने वाली देरी से निपटने के लिए जरूरी दवाएं और पीने का पानी साथ रखना न भूलें।

नाग पंचमी देशभर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक गहरी आध्यात्मिक आस्था का पर्व है। मंदिर के तय समय का पालन करने और वन्यजीव कानूनों का सम्मान करने से आपकी यात्रा सुगम रहेगी। मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखकर यात्री बारिश से होने वाली बड़ी परेशानियों से बच सकते हैं। पूरी तैयारी के साथ निकलकर श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से नाग देवता की इस प्राचीन परंपरा का पालन कर सकते हैं।

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