पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का आज 'नीलाद्रि बिजे' की पवित्र रस्म के साथ समापन हो रहा है। आज भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने लकड़ी के रथों से उतरकर वापस मुख्य मंदिर (श्री मंदिर) में प्रवेश करेंगे। इस खास पल का गवाह बनने के लिए 'बड़ा दांडा' (ग्रैंड रोड) पर हजारों भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। रस्मों के चलते प्रशासन ने फिलहाल सामान्य दर्शन पर रोक लगा दी है। अगर आप भी इस आध्यात्मिक घर-वापसी को करीब से देखना चाहते हैं, तो समय से पहुंचने की योजना बनाएं।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुताबिक, शाम तक 'गोटी पहंडी' की रस्म शुरू होने की उम्मीद है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, माता लक्ष्मी को पारंपरिक रसगुल्लों का भोग लगाकर उन्हें मनाएंगे। इसी के साथ उनकी नौ दिनों की यह यात्रा पूरी हो जाएगी। दोपहर बाद मंदिर के गेटों पर नियंत्रण और दर्शन में रुकावट आ सकती है। भीड़ और देरी से बचने के लिए श्रद्धालुओं को कतारों में रहने की सलाह दी गई है ताकि कोई अव्यवस्था न हो।

नीलाद्रि बिजे: दर्शन का समय और रास्तों में बदलाव
ओडिशा पुलिस ने आज ग्रैंड रोड पर सभी भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी है। मुख्य रास्तों से केवल इमरजेंसी सेवाओं और सरकारी गाड़ियों को ही जाने की अनुमति दी गई है। पार्किंग के लिए मालतीपाटपुर और तालाबाणिया में जगह तय की गई है। जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही लोकल शटल सेवाओं का इस्तेमाल करें, ताकि रात में होने वाली 'पहंडी' रस्म के दौरान ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।
नीलाद्रि बिजे: कहां से करें दर्शन और सुरक्षा के नियम
दर्शन के लिए मेडिकल स्क्वायर और सिंह द्वार के पास सुरक्षित जोन बनाए गए हैं। इन जगहों से आप भगवान के मंदिर के भीतर जाने का स्पष्ट नजारा देख सकते हैं। आज उमस और हल्की बारिश की संभावना है, इसलिए अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और पैदल चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें। ध्यान रहे, पूरा मंदिर क्षेत्र 'नो फ्लाई जोन' है, इसलिए ड्रोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
| सुविधा का प्रकार | नाम और स्थान |
|---|---|
| मुख्य पार्किंग | मालतीपाटपुर टर्मिनल सुविधा |
| सिटी पार्किंग | तालाबाणिया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एरिया |
| हेल्थ पोस्ट | ग्रैंड रोड मेडिकल कैंप |
अगर आप रुकने की जगह तलाश रहे हैं, तो स्टेशन के पास शहर के बाहरी इलाकों में बजट होटल मिल सकते हैं। हालांकि, आखिरी समय की भीड़ की वजह से कीमतें सामान्य से ज्यादा हो सकती हैं। ताजा अपडेट्स के लिए पुरी पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल चेक करते रहें, जहां आपको ट्रैफिक जाम और भीड़ की रियल-टाइम जानकारी मिलती रहेगी। मंदिर के लाउडस्पीकर से होने वाले सुरक्षा निर्देशों पर भी नजर रखें।
आज रात जब भगवान 'रत्न सिंहासन' पर विराजमान होंगे, तब इस भव्य उत्सव का समापन होगा। इसके साथ ही एक और वार्षिक रथ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगी। भगवान के इस अंतिम दर्शन से भक्तों को असीम शांति मिलती है। इस भारी भीड़ में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। सुरक्षित यात्रा करें और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लें।



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