Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »पुरी रथ यात्रा 2026: अधर पणा रस्म का अद्भुत नजारा, जानें दर्शन का सही समय और नियम

पुरी रथ यात्रा 2026: अधर पणा रस्म का अद्भुत नजारा, जानें दर्शन का सही समय और नियम

पुरी में आज रथ यात्रा के समापन का एक बेहद खास पड़ाव है—'अधर पणा' की रस्म। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने तीनों रथों पर इस भव्य आयोजन की पूरी तैयारी कर ली है। भारी संख्या में भक्त मिट्टी के बड़े मटकों में भरे मीठे शरबत का भोग देखने के लिए उमड़ रहे हैं। माना जाता है कि यह रस्म पार्श्व देवताओं और मोक्ष की राह देख रही अतृप्त आत्माओं को आध्यात्मिक तृप्ति देने के लिए की जाती है।

मुख्य अनुष्ठान शुरू होने से कई घंटे पहले ही रथों पर आम दर्शन रोक दिए जाते हैं। पुजारियों की सुरक्षा और बिना किसी रुकावट के रस्म पूरी करने के लिए सुरक्षा का कड़ा पहरा लगाया गया है। रस्म के अंत में इन मटकों को तोड़ दिया जाता है, जिससे पवित्र शरबत रथ के डेक पर बहने लगता है। ऐसी मान्यता है कि अदृश्य आत्माएं इस पवित्र तरल को ग्रहण कर शांति प्राप्त करती हैं।

Puri Rath Yatra 2026: Adhara Pana Ritual Significance, Timings, and Traffic Updates for Devotees

अधर पणा रस्म के लिए दर्शन का समय

प्रशासन को आज शाम ग्रैंड रोड (बड़ा डांडा) पर भारी भीड़ की उम्मीद है, इसलिए प्रवेश द्वारों पर कड़ा नियंत्रण रहेगा। जब पुजारी दूध, चीनी, छेना और सुगंधित मसालों से देवताओं के लिए खास शीतल पेय तैयार करेंगे, उस दौरान सामान्य दर्शन बंद रहेंगे। जो भक्त पुरी नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए मंदिर समिति लाइव स्ट्रीमिंग के लिंक भी साझा कर रही है ताकि वे घर बैठे दर्शन कर सकें।

अधर पणा रस्म को लेकर ट्रैफिक अपडेट

स्थानीय पुलिस ने आज ग्रैंड रोड पर ट्रैफिक के कड़े नियम लागू किए हैं और कई रास्तों को डायवर्ट किया गया है। अगर आप जल्दी पहुंच रहे हैं, तो जगन्नाथ बल्लभ और सरधाबली में पार्किंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। रस्म को करीब से देखने के लिए सूचना केंद्र के पास या छतों पर जगह बनाना बेहतर होगा। साथ ही, अपना छाता साथ रखें क्योंकि मौसम विभाग ने बारिश या भारी उमस की संभावना जताई है।

कार्यक्रम का विवरण श्रद्धालुओं के लिए जानकारी
रस्म का समय 26 जुलाई की देर शाम से शुरू
देखने की जगह बड़ा डांडा के पास स्थान सुरक्षित करें
अगली मुख्य रस्म 27 जुलाई को नीलाद्री बिजे

आज के आयोजनों के बाद, भगवान कल होने वाले 'नीलाद्री बिजे' की तैयारी करेंगे। यह देवताओं की वार्षिक यात्रा के समापन और उनके मुख्य मंदिर लौटने का प्रतीक है। श्रद्धालु अपनी वापसी की प्लानिंग पहले ही कर लें क्योंकि बसों में काफी भीड़ रह सकती है। ठहरने के लिए रेलवे स्टेशन के पास बजट होटलों में रुकना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

ताजा अपडेट के लिए ओडिशा पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करते रहें। समय में किसी भी बदलाव की पुष्टि SJTA या पुलिस के डिजिटल चैनलों के माध्यम से ही करें। पुरी की इस अनूठी परंपरा का साक्षी बनना हर श्रद्धालु के लिए एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है। अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं ताकि आप सुरक्षित तरीके से महाप्रभु का आशीर्वाद ले सकें।

More News

    Read more about: jagannath temple
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+