स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड को देखते हुए तिरुमाला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बिना टिकट वाले सर्व दर्शन के लिए इंतजार का समय बढ़कर 15 से 20 घंटे तक पहुंच गया है। वैकुंठम कतार परिसर (VQC) के सभी कंपार्टमेंट इस वक्त हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरे हैं। ऐसे में अगर आप भी इस वीकेंड तिरुपति बालाजी के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो पहाड़ी पर पहुंचने से पहले पूरी तैयारी जरूर कर लें।
भीड़भाड़ के इस दौर में दर्शन की सही लाइन का चुनाव आपका काफी समय बचा सकता है। विष्णु निवासम पर मिलने वाले स्लॉटेड सर्व दर्शन (SSD) टोकन से इंतजार का समय घटकर करीब 6 घंटे रह जाता है। वहीं, 300 रुपये वाले विशेष प्रवेश दर्शन टिकट धारकों को कतार में लगभग 4 से 6 घंटे का समय लग रहा है। दूसरी ओर, श्रीवाणी (SRIVANI) ट्रस्ट के डोनर टिकट से सबसे तेजी से, महज 45 मिनट के भीतर दर्शन हो रहे हैं। इसलिए तिरुपति पहुंचते ही श्रद्धालुओं को सबसे पहले ऑफलाइन SSD टोकन हासिल कर लेना चाहिए।

तिरुमाला दर्शन में लगने वाला समय और अगस्त के त्योहारों के कारण रद्द सेवाएँ
| दर्शन का प्रकार | औसत इंतजार का समय | बुकिंग का तरीका |
|---|---|---|
| सर्व दर्शन | 15–20 घंटे | सीधे कतार में प्रवेश |
| SSD टोकन | 6–7 घंटे | ऑफलाइन तिरुपति काउंटर |
| ₹300 विशेष प्रवेश | 4–6 घंटे | ऑनलाइन TTD पोर्टल |
| श्रीवाणी VIP ब्रेक | 45–60 मिनट | ऑनलाइन / VIP बुकिंग |
इस महीने आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन के समय में कुछ अहम बदलाव किए हैं। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने 22 और 24 अगस्त को VIP ब्रेक दर्शन रद्द कर दिए हैं। यह फैसला 23 से 25 अगस्त के बीच होने वाले वार्षिक 'श्रीवारी पवित्रोत्सवम' के कारण लिया गया है। इस दौरान प्रोटोकॉल गणमान्य व्यक्तियों को छोड़कर अन्य किसी के भी सिफारिश पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले इन तिथियों और पाबंदियों को अच्छी तरह जांच लें।
तिरुमाला दर्शन के लिए सही समय और रहने की व्यवस्था के स्मार्ट टिप्स
भीड़ से बचने के लिए मंदिर में प्रवेश का समय बुद्धिमानी से चुनना आपकी यात्रा को आसान बना सकता है। सुबह-तड़के 3 से 6 बजे के बीच या फिर देर रात के स्लॉट में आमतौर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही कम रहती है। ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए कमरे की बुकिंग केवल TTD की आधिकारिक वेबसाइट से ही करें। अगर होटल में कमरे न मिलें, तो पिलग्रिम एमेनिटीज कॉम्प्लेक्स में ठहरने की बेहतर अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा, अलिपिरी या श्रीवारी मेट्टू मार्ग से तड़के पैदल चढ़ाई शुरू करने पर पहाड़ी तक की यात्रा काफी सुगम रहती है।
छुट्टियों के इस वीकेंड में भीड़ का सामना करने के लिए थोड़ा धैर्य, सही प्लानिंग और सिर्फ आधिकारिक माध्यमों से बुकिंग जरूरी है। तिरुपति घाट रोड पर गाड़ियों का दबाव अधिक होने के कारण तय परिचालन समय के भीतर ही सावधानीपूर्वक ड्राइविंग करें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी कतार परिसर में मुफ्त भोजन और पीने का पानी लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। TTD की ताजा गाइडलाइंस का पालन करके श्रद्धालु अपनी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुखद बना सकते हैं।



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