भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए नया ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की यह चेतावनी 10 और 11 अगस्त के लिए है। ऐसे में चंडीगढ़ और दिल्ली से पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों का प्लान बिगड़ सकता है। हिल स्टेशनों पर जाने से पहले यात्रियों को सड़कों का हाल जरूर जान लेना चाहिए।
पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है और मुख्य रास्तों पर पानी भर गया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में फिलहाल 160 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। बिजली की लाइनें टूटने से आज कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी ठप हो गई है।

उत्तराखंड-हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट: सफर पर कैसा रहेगा असर?
लैंडस्लाइड के चलते मुख्य हाईवे पर रात का सफर बेहद खतरनाक हो गया है। अगले दो दिनों में देहरादून, चमोली और बागेश्वर में भारी बारिश की आशंका है। सरकार ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे तेज बारिश के दौरान सफर करने से बचें। संवेदनशील पहाड़ी इलाकों से सुरक्षित निकलने के लिए दिन के उजाले का ही इस्तेमाल करें।
मुख्य रास्तों पर भारी जाम है और गाड़ियां रेंग-रेंग कर चल रही हैं। मंडी और कुल्लू जिले इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने किन्नौर कैलाश यात्रा भी रोक दी है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे वोल्वो बस बुक करने से पहले स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन से जानकारी जरूर ले लें।
| जिला | अलर्ट का स्तर | मुख्य असर |
|---|---|---|
| मंडी | ऑरेंज अलर्ट | 90 से ज्यादा सड़कें बंद |
| देहरादून | ऑरेंज अलर्ट | लैंडस्लाइड का भारी खतरा |
| सिरमौर | ऑरेंज अलर्ट | पानी की सप्लाई ठप |
मसूरी, नैनीताल और शिमला रूट का हाल: कब और कैसे करें सफर?
मशहूर मसूरी-देहरादून रोड पर मलबा आने से ट्रैफिक काफी धीमा हो गया है। नैनीताल जाने वाले पर्यटकों को भी नेशनल हाईवे (NH) के कई हिस्सों पर ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, NH-5 पर सोलन-शिमला रूट पर अचानक मिट्टी धंसने (मडस्लाइड) का खतरा बना हुआ है। इन खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
खराब मौसम की चेतावनी के चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ा है। कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवाएं देरी से चल रही हैं या उन्हें बीच में ही रोका जा रहा है। रात के सफर के खतरे से बचने के लिए कई वोल्वो बस ऑपरेटरों ने अपने टाइम-टेबल में बदलाव किया है। सफर पर निकलने से पहले इन सेवाओं की ताजा स्थिति जरूर चेक कर लें।
इस मानसूनी सीजन में अलर्ट रहकर और पूरी तैयारी के साथ ही किसी भी बड़े खतरे से बचा जा सकता है। सफर के दौरान अपने साथ जरूरी इमरजेंसी सामान रखें और मोबाइल फोन को हमेशा फुल चार्ज रखें। स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों की ओर से जारी होने वाले लाइव अपडेट्स पर नजर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। जब तक ऑरेंज अलर्ट खत्म नहीं हो जाता, तब तक पहाड़ों की गैर-जरूरी यात्राओं को टाल देना ही समझदारी होगी।



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