अगर आप अगले कुछ दिनों में उत्तराखंड की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में 29 जुलाई तक के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। नैनीताल और मसूरी जैसे मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली-NCR से आने वाले सैलानियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम के मिजाज पर पैनी नजर रखें। पहाड़ों में इस समय लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का बड़ा जोखिम है। सुबह के वक्त सफर करने वालों को कम विजिबिलिटी और अचानक बंद होने वाले रास्तों का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ों की खड़ी और घुमावदार सड़कों पर सफर करना अब काफी जोखिम भरा हो गया है। प्रशासन ने रात के समय यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि अंधेरे में चट्टानें गिरने और मलबे का अंदाजा नहीं लग पाता। भारी बारिश के दौरान देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे पर अक्सर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता है। सुरक्षित सफर के लिए हर तीन घंटे में लोकल न्यूज अपडेट्स चेक करते रहें। पहाड़ों पर चढ़ाई शुरू करने से पहले स्थानीय पुलिस या ट्रांसपोर्ट विभाग से रास्तों की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें।

खतरनाक इलाकों की पहचान और उत्तराखंड में रोड सेफ्टी
अगर आपकी ट्रिप पहले से बुक है, तो ऊंचाई वाले इलाकों के बजाय कम ऊंचाई वाली जगहों पर रुकने का विचार करें। लैंसडाउन या कानाताल की वादियां ऐसे मौसम में नैनीताल की ऊंची चोटियों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हो सकती हैं, क्योंकि यहां लैंडस्लाइड की वजह से रास्ते बंद होने की आशंका कम रहती है। मैदानी इलाकों के करीब रहने का एक फायदा यह भी है कि मौसम ज्यादा बिगड़ने पर वहां से सुरक्षित निकलना आसान होता है। इससे आप मानसून की हरियाली का आनंद भी ले पाएंगे और आपकी सुरक्षा भी बनी रहेगी।
बारिश और पटरियों पर जलभराव की वजह से ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। रियल-टाइम अपडेट के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) की मदद लें या 139 नंबर पर डायल करें। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुसीबत में फंसे पर्यटकों के लिए ये कॉन्टैक्ट नंबर्स लाइफ-सेवर साबित हो सकते हैं, इसलिए इन्हें अपने फोन में जरूर सेव कर लें।
| सेवा | संपर्क या प्लेटफॉर्म |
|---|---|
| ट्रेन स्टेटस | NTES या 139 |
| आपदा राहत | SDRF हेल्पलाइन |
| मौसम अपडेट | IMD ऑफिशियल साइट |
मसूरी और नैनीताल ट्रिप के लिए ऐसे बनाएं स्मार्ट प्लान
ऑरेंज अलर्ट के दौरान पहाड़ों में गाड़ी चलाना चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए निकलने से पहले गाड़ी के ब्रेक और वाइपर की अच्छी तरह जांच कर लें। अपने साथ रेन गियर (छाता/रेनकोट), सूखा खाना और पावर बैंक जरूर रखें ताकि रास्ते में देरी होने पर परेशानी न हो। सफर के दौरान बरसाती नालों या कच्ची मिट्टी वाली ढलानों के नीचे गाड़ी पार्क करने की गलती बिल्कुल न करें। ये छोटी-छोटी सावधानियां आपको मानसून के खतरों से बचा सकती हैं।
हिमालय के मानसून का असली मजा तभी है जब आप पूरी तरह सुरक्षित हों। अपनी रूट चुनने से पहले IMD के 'नाउकास्ट' (nowcast) के जरिए हर घंटे होने वाली बारिश की जानकारी लेते रहें। सुरक्षित ठिकानों का चुनाव और सरकारी गाइडलाइंस का पालन करके ही आप अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। अपने ट्रैवल प्लान को थोड़ा लचीला (flexible) रखें ताकि जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सके। इन भारी बारिश वाले दिनों में अपनी सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें।



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