हतियनगडी में 8 वीं सदी का श्री सिद्धि विनायक मंदिर है। यह मंदिर कुंदापुर तालुक में है और भगवान विनायक की मूर्ति स्थापित है। यह ऐतिहासिक जगह देश भर के हिंदुओं के लिये एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यह मंदिर वरही नदी के पास है। यह भारत का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान विनायक की जटाएं यानी बाल हैं।
मूर्ति 2.5 फुट ऊंची होने के साथ सालीग्राम पत्थर में बनी है। भगवान की सूंढ़ बाईं ओर मुड़ी हुई है। विभिन्न अवसरों पर भगवान का विशेष पूजन किया जाता है। माना जाता है कि सभी भक्तों की मनोकामनाएं यहां आने से पूर्ण होती हैं, इसीलिये उनके नाम के आगे सिद्धि लगा दिया गया।
हतियनगडी पूर्वोत्तर कुंदापुर से सिर्फ 8 किमी दूर है। आप उडुपी घूमने के बाद हतियनगड़ी जा सकते हैं। उडुपी पहुंचने के बाद कुंदा पुर की ओर चलें और वहां से मुरुदेश्वरा जायें। इसी सड़क पर करीब 9 किलोमीटर चलने पर आप इस पवित्र मंदिर तक पहुंच जायेंगे।



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