उज्जैन के प्राचीन शहर में स्थित विक्रम विश्वविद्यालय, विपुल शासक विक्रमादितय के नाम पर है। 1957 में स्थापित यह विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। विश्वविद्यालय प्राधिकारी द्वारा अनेक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
विश्वविद्यालय का पुस्तकालय महाराजा जीवाजी राव पुस्तकालय के नाम से जाना जाता है तथा आज तक यहाँ से 1645 पी.एच.डी. थीसिस प्रदान की जा चुकी हैं। इस विश्वविद्यालय का एक और महत्वपूर्ण भाग विश्वविद्यालय की प्रेस है जो 1961 में स्थापित की गई थी। इसका परिसर उपग्रह से जुड़ा हुआ है और 500 से अधिक आनलाइन शोध पत्रिकाओं तक इसकी पहुँच है।
इस विश्वविद्यालय का अपना कार्य विभाग है जो भवनों की देखरेख करता है और नए निर्माण की योजना में सहायता करता है। विश्वविद्यालय के अलमा मेटर के रूप में कई प्रख्यात हस्तियाँ हैं। यहाँ के मेधावी छात्रों की सूची में कई वैज्ञानिक, शिक्षाविद और भारत के एक पूर्व न्यायाधीश है।



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