विजयमंदिरा मंदिर के नाम से भी जाना जाने वाला बीजामंडल मंदिर विदिशा का प्रमुख आकर्षण है। 11वीं शताब्दी में बने इस मंदिर में परमार काल के एक बड़े मंदिर के अवशेष देखे जा सकते हैं। इसकी आधी अधूरी बनावट और आधारशिला को देखकर यह समझा जा सकता है कि इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। यहां आप स्तंभों की मदद से बनाए गए 8वीं व 9वीं शताब्दी की एक छोटी सी मस्जिद भी देख सकते हैं।
मस्जिद को आलमगीर मस्जिद कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में किया गया था। इसके अलावा मंदिर में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण का गोदाम भी है, जहां आसपास से क्षेत्र से एकत्रित की गई मूर्तियां सुरक्षित रखी गई हैं। इस परिसर में सातवीं शताब्दी की एक सीढ़ी वाली बावड़ी भी है, जो इस मंदिर को और भी समृद्ध बना देती है।
बावड़ी में दो लंबे स्तंभ हैं, जिन पर कृष्ण के जीवन दृश्यों का वर्णन किया गया है। ऐसा माना जाता है कृष्ण के ये जीवन दृश्य मध्य भारत की प्रारंभिक कला की निशानी है।



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