विदिशा का मालादेवी मंदिर पहाड़ी की ढलान पर खूबसूरत लोकेशन के बीच स्थित है। मंदिर से घाटी का विहंगम नजारा मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। यह मंदिर पहाड़ी के एक तरफ से कटे भाग के विशाल आधार पर स्थित है। मंदिर की वास्तुशिल्पी बनावट को देखकर यहां आने वाले पर्यटक हैरत में पड़ जाते हैं। मंदिर में एक प्रवेश द्वार, एक हॉल और एक पवित्र स्थल है।
इसके गर्भ-गृह में एक प्रतिमा रखी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह जैन तीर्थंकर का है। वैसे यह प्रतिमा गौतम बुद्ध की भी हो सकती है। क्योंकि इसमें वे विशेष चिन्ह दिखाई नहीं देते जो 24 तीर्थंकर में देखे जाते हैं। मंदिर में एक घुमावदार गलियारा और एक विशाल शिखर भी है।
शिखर को कड़ी मेहनत से बारीकी से गढ़ा गया है, जिससे इसे देखने के बाद प्रेरणा मिलने के साथ-साथ आश्चर्य भी होता है। यहां जैन धर्म से संबंधित चित्रों और देवी के ढांचे को देखने से मालूम पड़ता है कि यह मंदिर पहले हिंदू देवी को समर्पित था।



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