ऐसा माना जाता है कि पज्हयराई चोल राजवंश की तत्कालीन राजधानी था। यहाँ चोल काल के कुछ प्राचीन मंदिर देखने को मिलते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है पज्हयराई मंदिर या जिसे पज्हयराई वदथली के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर कुंभकोणम से 6 किमी दूर है।
दरासुरम से यह मंदिर केवल 3 किमी दूर है अत: दरासुरम से और भी नज़दीक है। इस मंदिर को देखने के लिए पर्यटकों को अवश्य जाना चाहिए। तीर्थयात्रा के लिए यह एक प्रसिद्ध स्थल है। यह दरासुरम रेलवे स्टेशन के पास ही स्थित है। पज्हयराई वदथली, पज्हयराई में स्थित चार प्राचीन मंदिरों में से एक है।
अन्य मंदिर हैं- मेत्रली, केल्थली और थेंथली। प्रत्येक मंदिर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है।



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