हरियाणा के हिसार शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग नं .10 पर स्थित है, सेंट थॉमस चर्च चार साल में बना था दिसंबर, 1860 से मई, 1864। यह चर्च सेंट थॉमस को समर्पित है को यीशु मसीह के बारह शिष्यों में से एक थे। उन दिनों में इसका निर्माण में 4500 रूपए की लागत आई थी। पवित्र चर्च को कलकत्ता के बिशप, जॉर्ज एडवर्ड लिंच कॉटन द्वारा 31 दिसंबर 1865 को प्रतिष्ठित किया था।
चर्च के डिजाइन और निर्माण में विक्टोरियन शैली वास्तुकला की मुख्य विशेषताएं मौजूद है। चर्च में वेदी, उपदेश के लिए एक व्यासपीठ, एक वेस्ट्री और बपतिस्मा है जहाँ ईसाई को नाम दिए जाते हैं। व्यासपीठ को मखमल पर्दे के साथ सजाया गया है। चर्च का मुख्या हाल दो फुट मोटी दीवारों से घिरा हुआ है जो 1325 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में बनाया गया था और लगभग 40 लोग के बैठने की सीट भी है।
चर्च की घंटी 1874 में रूरकी में बने गयी थी। चर्च के परिसर में गेट के पास एक कब्रिस्तान भी है। हिसार के तत्कालीन कलेक्टर, जॉन वेडरबर्न, जो 1857 में भारतीय सैनिकों द्वारा अपने परिवार के साथ मारा गया था, उसकी कब्र भी यहां पे है। 1899 तक चर्च में केवल ईसाइयों को ही आने की इजाज़त थी। रेव ऍफ़ आर विलिस, दिल्ली के बिशप ने चर्च की शताब्दी सेवा प्रदर्शन जनवरी 8, 1966 किया था।



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