यह भारत में अपनी तरह का एक है, और यह पार्क वास्तव में देखने योग्य है। जामनगर जिले में कच्छ की खाड़ी के दक्षिणी तट पर स्थित, यह मरीन नेशनल पार्क भारत का पहला समुद्री अभयारण्य है। वर्ष 1982 में स्थापित, यह गुजरात के वन विभाग द्वारा संचालित है और इस में लगभग 42 द्वीप...
जामनगर सुंदर मंदिरों, उद्यानों और अभयारण्यों से भरा एक शहर है, और यहां इतने हिंदू धार्मिक स्थल हैं कि यह शहर छोटा काशी के रुप में भी उल्लिखित है। तथापि, यह स्थान कुछ रोचक दरगाहों का भी घर है। बोहरा हाजीरा उनमें से एक है जो दाऊदी बोहरा समुदाय से संबद्ध रखता है।...
रोज़ी बंदरगाह और बेदी बंदरगाह पिकनिक मनाने के लिए और मछली पकड़ने का आनंद उठाने के लिए एक सही स्थान है। रोज़ी बंदरगाह कच्छ की खाड़ी के तट पर स्थित है, जबकि बेदी बंदरगाह रंगमती नदी से 4 मीटर की दूरी पर स्थित है। इन बंदरगाहों तक नव बन्दर से नाव द्वारा पहुंचा जा सकता...
जामनगर में खिजादा मंदिर, प्रणामी धार्मिक संप्रदाय का एक स्थान है, जो दृढ़ता से सभी धर्मों की एकता का समर्थन करता है। यह मंदिर एक सुंदर संरचना है जिसे लगभग 400 साल पुराने विरासत के दो पेड़ के निकट बनाया गया है। प्रणाम समुदाय के सदस्य और मंदिर के पुजारी समाज सेवा...
पुराने जामनगर शहर के बीचोंबीच बनी एक सुंदर सी लंबी संरचना रतन भाई मस्जिद है। चंदन के दरवाजे व सीपों से जड़े तथा दो लंबे आकर्षक मीनार के साथ, मस्जिद में निजी बारिश संचयन प्रणाली भी है। पानी की एक टंकी नमाज़ से पहले औपचारिक सफाई के लिए बनाई गई है।
लखौटा झील की तरह, रणमल झील भी अपनी ओर, दुनिया भर के स्थानों से प्रवासी पक्षियों की एक सरणी को आकर्षित करती है। यह झील शहर से लगभग 2 किमी की दूरी पर स्थित है और पानी का एक प्राकृतिक पिंड़ है।
पक्षियों के लिए जामनगर में ठहरने के लिए अच्छे स्थानों की कमी नहीं है। खिजादिय पक्षी अभयारण्य भी उनमें से एक है, जहां प्रजनन और प्रवासी पक्षियों की विभिन्न किस्में मौजूद होती हैं। इसे पारिस्थितिक शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है, 1920 के...
यह पर्यटकों के देखने के लिए एक दिलचस्प स्थान है। लखौटा तालाब के तट पर बनी, इस 5 मंजिला स्मारक का निर्माण हमले से सुरक्षित रहने के लिए किया गया था। इस स्मारक की पहली मंजिल और उसकी दीवारों पर छेद किए गए हैं और प्रत्येक में राइफलें रखी गई हैं, इसकी ऊपरी मंजिल पर पानी...
जामनगर के श्मशान घाट को माणिक भाई मुक्तिधाम कहा जाता है - अत्यंत शांत वातावरण वाला स्थान। मुक्तिधाम जोकि खूबसूरत हरियाली से भरा एक उद्यान है, इसमें मूर्तियां, रामायण के दृश्यों को दर्शाते भित्ति चित्र और एक पुस्तकालय है। यह उद्यान शहर से 10 मिनट की दूरी पर स्थित...
गागा वन्यजीव अभयारण्य 332 एकड़ भूमि में फैला है और इसे वर्ष 1988 में एक अभयारण्य के रुप में घोषित किया गया। कच्छ की खाड़ी के तटीय क्षेत्र पर स्थित, गागा अभयारण्य समृद्ध हरे वनस्पतियों से भरा है तथा पक्षियों की एक सरणी का निवास स्थान है और खूबसूरत प्रवासी पक्षी...
गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय को वर्ष 1967 में स्थापित किया गया, यह गुजरात का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है, जो प्राचीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली को समर्पित है। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किए गए इस विद्यालय को नवानगर रियासत के शासकों ने विस्तृत...
जामनगर के करीबी समुद्री तट बहुत स्वच्छ और अभी तक अनन्वेषित हैं। उनमें से बलचारी समुद्री तट महत्वपूर्ण और नज़दीकी समुद्री तट है जो शहर से 26 किमी की दूरी पर स्थित है। वैसे तो बलचारी समुद्री तट सारे समुद्री तटों में से बहुत लोकप्रिय है, लेकिन इसके निकट और भी कई...
यह भी एक अन्य स्थान है जो हर पक्षी प्रेमी को पसंद आएगा। यह बांध शहर का जल स्रोत है और इस में एक सुंदर बगीचा बना है तथा पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है, विशेष रूप से प्रवासी अवधि के दौरान।
एक आकर्षक मंदिर होने के अलावा, इस मंदिर को एक गौरवशाली स्थान हासिल है। 1 अगस्त 1964 में, लगभग 48 साल पहले श्रद्धालुओं ने 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र का जाप 7 दिनों तक लगाता 24 घंटों के लिए किया जिसके कारण इस मंदिर का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।...
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस में विनाश हुए दो समान सोलेरियम के बाद यह शायद दुनिया का एक मात्र सोलेरियम है। सोलेरियम में कांच से निर्मित कमरें हैं जो धूप के स्वस्थ अनावरण के लिए बनाए गए हैं। सोलेरियम एक घूमनेवाला बुर्ज है जो पूरा दिन धीर धीर घूमता रहता है तथा...