आम तौर पर ‘साहिब’ शब्द का प्रयोग सिखों के मंदिर गुरुद्वारे से संबंधित है। परंतु इसका प्रयोग एक गाँव के लिए क्यों किया गया, इसका कारण यह है कि धमतान एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है। धमतान एक शब्द ‘धर्मस्थान’ का बिगड़ा हुआ स्वरूप है जिसका अर्थ होता है, धार्मिक स्थान।
धमतान गाँव मुख्य रूप से जाट समुदाय का गढ़ है जो जींद जिले की नरवाना तहसील से 17 किमी दूर स्थित है। इस गाँव में एक प्राचीन शिव मंदिर और ऋषि वाल्मिकी का आश्रम है जिन्होंने रामायण महाकाव्य की रचना की थी। ऐसा माना जाता है कि भगवान् राम ने यहाँ अश्वमेध यज्ञ किया था।
ऐसा माना जाता है कि सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर दिल्ली जाते समय यहाँ रुके थे। 500 एकड़ क्षेत्र में किले की तरह बना हुआ गुरूद्वारा स्थानीय लोगों ने गुरु तेग बहादुर को उपहार में दिया था। यह गुरुद्वारा गुरु की यात्रा की स्मृति में बनाया गया था। इसके अतिरिक्त मांजी साहिब गाँव में भी एक गुरुद्वारा है।



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