कोट्टयम का सरस्वती मंदिर, केरल का अकेला एक ऐसा मंदिर है जो देवी सरस्वती को समर्पित है। इस मंदिर को दक्षिणा मूकाम्बिका के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर, चिंगावनम के पास स्थित है। स्थानीय विश्वासों के अनुसार, इस मंदिर को किझेप्पुरम नंबूदिरी के द्वारा स्थापित किया गया था उन्होने इस मूर्ति को खोजा और इसे पूर्व की दिशा में मुख करके स्थापित कर दिया।
उन्होने एक और पवित्र मूर्ति को पश्चिम की दिशा में मुख करके स्थापित किया था। लेकिन पश्चिम की तरफ मुंह किए मूर्ति की कोई शेप यानि आकार नहीं है फिर भी इस मूर्ति की पूजा की जाती है। मूर्ति के पास ही एक पत्थर का बना लैम्प है जो हर समय जलता रहता है।
पूर्व की ओर मुख किए मूर्ति के आसपास पनाथी कथू चेदी पौधे लगे हुए हैं। इन पौधों को यहां से हटाने की इजाजत किसी को भी नहीं है इनके बारे में कहा जाता है कि यह पौधे कभी विल्टेड नहीं होगें। नवरात्रि का त्यौहार इस मंदिर में धूमधाम और भव्यता से मनाया जाता है। भक्तों के लिए यह मंदिर सुबह 5:30 से 11:30 तक और फिर शाम 5:00 से 7:30 तक खुला रहता है।



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