वलियाथुरा पियर तिरुवनंतपुरम के उपनगरीय इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध घाट है। जिस उपनगरीय इलाके ‘वलियाथुरा’ में यह घाट स्थित है, इसका यह नाम उसी से लिया गया है। इसने कभी केरल के दक्षिणी तट पर अकेला बंदरगाह होने के गौरव का आनंद उठाया था। जब कोच्चि सभी समुद्री गतिविधि के केंद्र बन गया, वलियाथुरा ने अपने महत्व को खो दिया। आज यह सिर्फ एक मछली पकड़ने वाला गांव है।
प्रसिद्ध वलियाथुरा पियर 50 साल से भी अधिक पुराना है और इसके पीछे गोदाम का एक बहुत बड़ा वर्ग है। जब वलियाथुरा एक समृद्ध बंदरगाह था तब इन गोदामों में माल इतनी तेजी से बढ़ता था की गोदाम फ़टने को आतुर थे। घाट उथले पानी में बनाया गया था और जहाजों से माल उतारने के लिए प्रयोग किया जाता है। जहाजों के लंगर को उथले पानी में नहीं डाला जा सकता था तब माल को जहाजों से छोटी छोटी नौकाओं में स्थानांतरित कर घाट पर उतारा जाता था। इन दिनों मछुआरे अपनी कटमरैन को समुद्र में उतारने के लिए इस कमजोर घाट का उपयोग करते हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से घाट पर आगंतुकों को आने की अनुमति नहीं है।



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