हिंदूओं में भगवान कुबेर को पैसे के देवता के रूप में पूजा जाता है। धन के देवता होने के बावजूद कुबेर, भगवान शिव के भक्त थे। इस मंदिर को कुबेर अष्टन के नाम से जाना जाता है जो देवता को समर्पित है। यह मंदिर, उत्तर प्रदेश में कुशीनगर से 21 किमी. की दूरी पर और कुबेरनाथ पर, पडरौना से 9 किमी. दूरी पर मुख्य रूद्राउना - तुर्कपट्टी मार्ग पर स्थित है। इसलिए, यहां कासिया - तुरूकपट्टी - पाद्रूहना मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
बाद में, भगवान शिव को समर्पित मंदिर को इसी स्थान पर पडरौना के राजा ने बनवाया था। यहां फाल्गुन और वैसाख के 13 वें दिन व शिवरात्रि के दौरान विशेष समारोह का आयोजन किया जाता है। इन दोनों दिनों को यहां बेहद शुभ माना जाता है। जबकि, फाल्गुन में उत्सव एक सप्ताह तक चलता है और वैसाख में उत्सव एक माह तक चलता है। शिवरात्रि के दौरान यहां हजारों की संख्या में भक्त आते है और शिवलिंग पर जल चढ़ाते है।



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