वाट थाई कुशानारा चालेरमराज मंदिर जिसे संक्षिप्त में वाट थाई मंदिर कहा जाता है, इसे भगवान बुद्ध के थाईलैंड के एक शिष्य ने उसके देश के राजा भूमिबोल अदुलयादेज की विलय की स्वर्ण जंयती के अवसर पर बनवाया था। इस मंदिर का उद्घाटन सोमदेज फरा यानसांगवारा ने करवाया था, जो थाईलैंड के राज्य के सर्वोच्च शासक थे।
उन्होने इस मंदिर का उद्घाटन 21 फरवरी, 1999 को किया था। इसका पूरा निर्माण 2001 में पूरा हुआ और तभी इसे आम जनता के लिए खोला गया। इस मंदिर के निर्माण के लिए पैसा तही बौद्धों से दान में इक्ट्ठा किया गया। इस मंदिर का मूल रूप एक वन मठ के रूप में था, जिसके आसपास कई पेड़- पौधे, झाडि़यां और हजारों किस्म के वृक्ष लगे हुए है।
यह मंदिर थाई - बौद्ध वास्तुकला शैली में बना हुआ है जो लगभग 10 एकड़ के भारी परिसर में फैला हुआ है। मंदिर के अलावा, परिसर में मठ, गार्डन, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और एक पुस्तकालय भी स्थित है। यह कुशीनगर के सबसे सुंदर गंतव्य स्थलों में से एक है। इस मंदिर में हर साल हजारों थाईलैंड के यात्री दर्शन करने आते है। इसकी विशाल संरचना शहर के सभी हिस्सों से देखी जा सकती है।



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