यह गुरूद्वारा सिखों के 10 वें गुरू गोविंद सिंह को समर्पित है। कहा जाता है कि यहां सिख समुदाय ने एकत्र होकर मुगल शासक औरंगजेब से लड़ाई लड़ी थी। इस युद्ध के दौरान गोविंद सिंह को राज्य के राजा द्वारा काफी सर्पोट मिला था।
व्यास नदी के तट पर स्थित यह गुरूद्वारा, गुरूद्वारा पलांग साहाबस के नाम से जाना जाता है। यहां वह बिस्तर भी रखा है जिस पर गुरू गोविंद सिंह सोया करते थे।
इसके लावा यहां उनका संगीत साधन रबाव, गन और कई अन्य सामान भी रखे हुए है। इस स्थल को देखने पर यह शाही घराने जैसा लगता है।



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