दुनिया भर में बौद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान, नागार्जुन, दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में स्थित एक छोटा सा शहर है। एक तीर्थ स्थल होने के अलावा, यह स्थान एक बहुत लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात है। पूर्व में, शहर को विजयपुरी के नाम से जाना जाता था। बाद में, शहर का नाम भगवान बुद्ध के ही एक परम भक्त नागार्जुन, के नाम बाद नामित कर किया गया। लेकिन फिर भी लोगों न इसे सम्मान प्रदान किया। वह भारत में 60 साल तक लगभग पहली शताब्दी ई. के अंत तक भारत में बौद्ध संघ के अगुआ थे। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि दक्षिण भारत पिछले सहस्राब्दी की शुरुआत के दौरान एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र था।
इस जगह पर की गई खुदाई के दौरान, यहां बौद्ध धर्म के विकास से सम्बन्धित कई सबूत मिले हैं। ये सबूत ज्यादातर स्थापत्य एवं स्तूपों के हैं, चो भगवान बुद्ध के जीवन व उनकी शिक्षाओं से सम्बद्ध हैं। इस सबूतों की वजह से, नागार्जुन पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण स्थल बन गया है।
नागार्जुन में प्रसिद्ध नागार्जुन सागर बांध, इथिपोथल फॉल्स और नागार्जुनकोंडा सहित कुछ बेहद रूचिकर स्थान पर्यटकों के लिए हैं। शहर आंध्र प्रदेश की राजधानी, हैदराबाद,से 150 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां हैदराबाद से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। कई बस सेवा संचालक राज्य के प्रमुख शहरों व कस्बों से नागार्जुन के लिए बसें चलाते हैं। इस शहर में पहुंचने के लिए सड़क मार्ग ही सबसे बेहतर है, क्योंकि यहां कोई रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डा नहीं है।
नागार्जुन की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय सर्दियों के महीनों के दौरान होता है, क्योंकि उष्णकटिबंधीय जलवायविक परिस्थितियों के कारण गर्मियों में शहर बेहद गर्म होता है। लेकिन सर्दियों में थोड़ा ठंडा रहता है।



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