17 अगस्त से विशाखापट्टनम में हवाई सफर का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। शहर की सभी शिड्यूल्ड पैसेंजर फ्लाइट्स अब स्थायी रूप से नए भोगापुरम एयरपोर्ट से ही संचालित होंगी। इस नए और आधुनिक एयरपोर्ट का नाम 'अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा गया है। 17 अगस्त की आधी रात से नए एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो जाएंगी और पुराने एयरबेस पर कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन बंद हो जाएगा। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे फ्लाइट छूटने के जोखिम से बचने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) का एयरपोर्ट कोड 'VTZ' नए एयरपोर्ट को ऑटोमैटिकली ट्रांसफर कर दिया गया है। जिन यात्रियों के टिकट पर 'VTZ' कोड दर्ज है, वे नए भोगापुरम टर्मिनल के लिए पूरी तरह मान्य रहेंगे। यात्री ध्यान दें कि वे अब INS डेगा स्थित पुराने सिविल एन्क्लेव में न जाएं, क्योंकि वहां कमर्शियल पैसेंजर उड़ानों को अगले 30 सालों के लिए बंद कर दिया गया है। अब INS डेगा का इस्तेमाल सिर्फ सैन्य विमानों, सरकारी वीआईपी (VIPs) और चार्टर उड़ानों के लिए ही होगा।

विशाखापट्टनम फ्लाइट्स: नए एयरपोर्ट का रूट और कैसे पहुंचे?
यह नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विशाखापट्टनम के मुख्य शहर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नेशनल हाईवे 16 (NH-16) के रास्ते गाड़ी से जाने में ट्रैफिक के आधार पर 60 से 90 मिनट तक का समय लग सकता है। यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए राज्य सरकार शहर के प्रमुख स्थानों से स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें चला रही है। वहीं, अगर आप प्राइवेट टैक्सी ले रहे हैं, तो थोड़े ज्यादा किराए और हाईवे टोल टैक्स के लिए तैयार रहें। पीक आवर्स के दौरान संभावित जाम से बचने के लिए समय से पहले निकलना ही समझदारी होगी।
| मुख्य जानकारी | पुराना विशाखापट्टनम एयरपोर्ट | नया भोगापुरम ASR एयरपोर्ट |
|---|---|---|
| शहर से दूरी | 12 किलोमीटर | 50 किलोमीटर |
| IATA एयरपोर्ट कोड | ट्रांसफर हो चुका है | VTZ |
| मुख्य सड़क मार्ग | नंदमुरी तारक रामाराव हाईवे | नेशनल हाईवे 16 |
| आवागमन के साधन | सिटी टैक्सी और ऑटो | इलेक्ट्रिक बसें और कैब्स |
एयर इंडिया जैसी देश की प्रमुख एयरलाइंस पहले ही दिन से नए एयरपोर्ट से अपनी सभी दैनिक उड़ानें शुरू कर रही हैं। एयरलाइंस अपने फ्लाइट शेड्यूल को अपडेट करने के साथ ही यात्रियों को मैसेज और ईमेल भेजकर इसकी जानकारी दे रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए भी उड़ान के समय से कम से कम 3 घंटे पहले नए टर्मिनल पर पहुंचें। नए टर्मिनल पर ऑटोमेटेड चेक-इन काउंटर और अपग्रेटेड सिक्योरिटी ज़ोन बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों की बोर्डिंग में समय कम लगेगा। इसके अलावा, री-बुकिंग और इमरजेंसी सहायता के लिए एयरलाइंस की हेल्पलाइन सेवाएं भी लगातार काम कर रही हैं।
एयरपोर्ट में हुए इस बड़े बदलाव को देखते हुए यात्रियों को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। यात्रा से पहले अपनी टिकट डिटेल्स और हाईवे का रूट अच्छी तरह जांच लें। बिना किसी मानसिक तनाव के टर्मिनल तक पहुंचने के लिए सड़क यात्रा के लिए पर्याप्त समय निकालकर निकलें। इन छोटी-छोटी तैयारियों से आपकी नए एयरपोर्ट से यात्रा बेहद सुगम और आरामदायक रहेगी।



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