सिंहाचलम, दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य का एक छोटा सा गांव है। यह गांव विशाखापत्तनम शहर के बहुत करीब है। यह स्थान भगवान विष्णु के भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है जो हर साल बड़ी संख्या में मंदिर के दर्शन करने गांव आते हैं।
सिंहाचलम, भगवान नृसिंह को समर्पित अठारह धार्मिक स्थलों में से एक है, जो भगवान विष्णु के आधे मानव एवं आधे सिंह का अवतार है। मंदिर के पुजारी इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि भगवान नृसिंह की मूर्ति चंदन से तैयार लेप से ढ़ंकी रहें। यह मूर्ति त्रिभंग मुद्रा में है और एक शक्तिशाली मानव धड़ के ऊपर एक शेर का सिर है।
प्राचीन काल के प्रचलित प्रमाण
हम केवल इस मंदिर की प्राचीनता का अनुमान लगा सकते हैं, लेकिन मंदिर पर पाए गए शिलालेख इसे कम से कम 1098 ई का बताते हैं, जब चोला के राजा कुलोत्तुंगा का राज था। एक अन्य शिलालेख 1137 और 1156 ई. के बीच रही कलिंग की रानी की ओर इशारा करता है। वास्तव में, इस मंदिर की दीवारों पर 252 से भी अधिक शिलालेख हैं।
ये सारे शिलालेख केवल मंदिर की प्राचीनता की ओर इशारा करते हैं और समकालीन काल से इन्होंने बहुत सारा ऐतिहासिक महत्व प्राप्त किया है क्योंकि ये पुरातत्वविदों को प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं को जोड़ने में मदद करते हैं। मंदिर की दीवारों पर लिखे गए शिलालेख, तेलुगू और उड़िया भाषा में हैं, और मंदिर की वास्तुकला भी दोनों क्षेत्रों की स्थापत्य शैली की यादों को ताजा करती है। गंगाधारा, एक पवित्र स्नान टंकी है जो पहाड़ी पर पाई जा सकती है।
देवता से जुड़ी एक रोचक कथा
गांव से जुड़ी एक बहुत ही रोचक कथा यह है कि जब मुस्लिम आक्रमणकारी इस क्षेत्र पर आक्रमण कर इसे लूटने वाले थे, तो कुमारनाथ नामक एक कवि ने सुरक्षा के लिए बड़े उत्साह से भगवान नृसिंह से प्रार्थना की। भगवान ने उनकी इच्छा पूरी की और एक तांबे की मक्खियों के झुंड़ को भेज दिया जिन्होंने आक्रमणकारियों की सेना पर हमला किया तथा उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। इस प्रकार, सिंहाचलम के स्थानीय लोगों को बचाया गया। यह स्थान श्री लक्ष्मी नृसिंह स्वामी मंदिर के लिए जाना जाता है, और इस मंदिर का इष्टदेव भगवान नृसिंह हैं।
सिंहाचलम और इसके आसपास के पर्यटक स्थल
अगर आप सिंहाचलम में हैं तो गंगाधारा और लक्ष्मी नृसिंह स्वामी मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों को देखना ना भूलें।
सिंहाचलम की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय
हालांकि, यह क्षेत्र अत्यंत गर्मी को अनुभव करता है, लकिन सुखद सर्दियां यात्रियों को दर्शनीय स्थलों की यात्रा और सैर सपाटे के लिए अच्छा समय प्रदान करती है।
कैसे पहुंचे सिंहाचलम
आप बड़ी आसानी से सड़क मार्ग द्वारा दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों और नगरों से सिंहाचलम तक पहुंच सकते हैं और यह सुलभता इस शहर को आंध्र प्रदेश के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती है।



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