मोतीहारी पर्यटन - बहुरंगी है यहां की छटा
बिहार स्थित मोतीहारी शहर तीर्थ यात्रियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी एक चर्चित पर्यटन स्थल है। यह राज्य की राजधानी पटना से 156 किमी दूर है।मोतीहारी मुख्य रूप से ऐतिहासिक महत्व......
पटना पर्यटन - एक यात्री का आनंद
पाटलिपुत्र यानि आधुनिक समय का पटना, भारत का एक प्राचीन शहर था और आज बिहार की व्यस्त राजधानी है। पाटलिपुत्र ऐतिहासिक गौरव और राजनीतिक भाग्य का सदियों से परिणति रहा है। इसे दुनिया......
वैशाली पर्यटन - बुद्ध को एक स्तोत्र
वैशाली का इतिहास काफी मजबूत है। वैशाली एक सुंदर गांव है जहां आम और केला के बड़े - बड़े बाग और खेत पाएं जाते है। वैशाली पर्यटन, अद्भुत बौद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है, यह एक......
बोधगया पर्यटन – एक पवित्र परम्परा की धारा
बोधगया बिहार में स्थित है और ऐतिहासिक रूप से उरूवेला, समबोधि, वज्रासन या महाबोधि के नाम से जाना जाता था। बोधगया अपने कद्रदानों को आध्यात्म और वास्तुकला आश्चर्य का अनुभव कराता......
राजगीर पर्यटन - संस्कृति और इतिहास का कालातीत रोमांस
राजगीर, शाहीघराना, भारत बिहार के राज्य में स्थित मगध की प्राचीन राजधानी थी। भक्तिपुर परिवहन के विभिन्न साधनों से राजगीर को पटना से जोड़ता है। राजगीर एक घाटी में स्थित है और इसके......
नवादा पर्यटन - आश्चर्यो का पोटली
नवादा, दक्षिणी बिहार में स्थित है। पहले यह गया जिले का एक हिस्सा था। नवादा में ऐतिहासिक काल के दौरान कई शासक वंशों जैसे - भ्रिहाद्रथा, मौर्य, कनाह और गुप्त का......
पूर्वी चम्पारण पर्यटन - एक उत्कृष्ट यात्रा गंतव्य
पूर्वी चंपारण बिहार का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला है। इस स्थान का नाम, दो शब्दों, 'चंपा' और 'अरण्य' को मिलकर बना है। चंपा सुगंधित फूल के वृक्ष को संदर्भित करता है,और अरण्य......
वाराणसी पर्यटन - धार्मिक रंग में डूबा वाराणसी पर्यटन
वाराणसी को बनारस और काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर, दुनिया में सबसे प्राचीन और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। इस शहर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। भगवान शिव, हिंदुओं......
गया पर्यटन - तीर्थयात्रा का तोरण
गया में बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध को बोधज्ञान प्राप्त हुआ था, इसी कारण, इस स्थान को शहर के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक माना जाता है। गया पूरे......
समस्तीपुर पर्यटन - उपजाऊ भूमि वाला स्थल
समस्तीपुर शहर, पहले दरभंगा जिले का एक उप - विभाजन था और यह बुदी गंदक नदी के तट पर स्थित है। समस्तीपुर में मनाएं जाने वाले प्रमुख त्यौहार छट, हनुमान जंयती, ईद,......
हज़ारीबाग – हज़ारों उद्यानों का शहर
हज़ारीबाग शहर रांची से 93 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा झारखंड के छोटा नागपुर पठार का एक भाग है। जंगलों से घिरी कोनार नदी इस शहर से होकर बहती है। चंदवारा और जिलिंजा हज़ारीबाग जिले......
जौनपुर - यहां है ऐतिहासिक स्थलों की भरमार
जौनपुर उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में पड़ता है। इसे फिरोज शाह तुगलक ने बसाया था और इसका इतिहास 1359 से मिलता है। तब इसे शीराज-ए-हिंद के नाम से जाना जाता था। अगर अभी की बात की......
कैमूर पर्यटन - प्रसन्नता का शहर
कैमूर की विरासत गौरवशाली है और यह बिहार के सबसे जीवंत क्षेत्रों में से एक है। कैमूर एक प्रशासनिक जिला है जो बिहार के पश्चिमी हिस्से में स्थित है तथा इस जिले का मुख्य मुख्यालय......
हाजीपुर पर्यटन - जीवंत खुशियों का गंतव्य
हाजीपुर शहर बिहार के वैशाली जिले का मुख्यालय है तथा प्रचुर मात्रा में केले के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह शहर बिहार के सबसे अधिक प्रगतिशील शहरों में से एक है। हाजीपुर......
कुशीनगर पर्यटन - विश्वास का संगम
कुशीनगर, उत्तरप्रदेश में एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ शहर है। बौद्ध धर्म के ग्रंथों के अनुसार, गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के बाद पारिनिर्वाण को हीरान्यावती नदी......
नालंदा – अभ्यास (सीखने) की भूमि
जब भी हम नालंदा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में पटकथाओं, ज्ञान, मैरून रंग के कपडे में लिपटे, भजन और मन्त्र गाते भिक्षुओं की छवि उभर आती है.. ज्ञान, जो ब्रह्मांड में व्याप्त......
सारनाथ - गौतम बुद्ध का पवित्र स्थल
उत्तरप्रदेश में वाराणसी के पास सारनाथ एक छोटा सा गांव है। इसकी प्रसिद्धि की सबसे बड़ी वजह यहां स्थित डीयर पार्क है, जहां गौतम बुद्ध ने प्रथम उपदेश दिया था। पहले बौद्ध संघ की......