असर महल का निर्माण 1646 में मोहम्मद आदिल शाह ने करवाया था। इस महल में एक न्याय हॉल बना हुआ है जिसमें कई चित्र सजे हुए हैजो उस काल की कलाकारी और सादगी को बयां करते है। महल के पीछे एक मस्जिद भी है जिसमें महिलाओं को जाने की आज्ञा नहीं थी। फिलहाल असर महल की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है।
असर महल की ऐतिहासिक इमारत के पीछे एक पुरानी मस्जिद है जो अभी भी इतिहास की गवाह बनी हुई है। यहां स्थित शिलालेखों से महल के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सकती है।



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