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होम » स्थल » सोलापुर » आकर्षण
  • 01कुदाल संगम

    कुदाल संगम

    कुदाल संगम एक ऐतिहासिक तीर्थ स्‍थल है जो सिना और भीम नदिंयों के तट पर स्थित है। यह सोलापुर की सुंदर जगहों में से एक है। यहां का कुदाल मंदिर सबसे पुराना मंदिर है जिसका निर्माण हेमंतपाथी शैली में किया गया था। इस मंदिर में रखा लिंगम पूज्‍यनीय और अद्वितीय है...

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  • 02सिद्धेश्वर मंदिर

    सोलापुर में सिद्धेश्वर मंदिर झील से घिरा एक रमणीय स्‍थल है। यहां भगवान श्री मल्लिकार्जुन, श्री सिद्धरामेश्‍वर, श्री शैलम, भगवान शिव और भगवान विष्णु की मूर्ति लगी हुई है। यह शहर के सबसे खुबसूरत और रमणीय स्‍थलों में से एक है। इस मंदिर में जाने के लिए झील...

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  • 03मोती बाग झील

    मोती बाग झील

    प्रकृति प्रेमी देर न करते हुए फटाफट मोती बाग झील जाएं। यहां आपको सफेद और गुलाबी कमल से भरा हुआ कमबर तालाब मिलेगा जो बेहद सुंदर लगता है। इस जगह को देखने वाला हर शख्‍स इसे स्‍वर्ग का टुकड़ा कहता है। स्‍थानीय लोग इसे कम्‍बर तलाव भी कहते है। यहां एक...

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  • 04इकरूख हिप्‍पारागा तालाब

    इकरूख हिप्‍पारागा तालाब

    सोलापुर में हिप्‍पारागा एक झील है और इकरूख एक टैंक है जो पास - पास होने के कारण एक पर्यटन स्‍थल का निर्माण करते हैं।इस टैंक का निर्माण ब्रिटिश शासन काल में कर्नल फाइफ ने करवाया था।

    इस तालाब में प्रचुर मात्रा में पानी है जिससे पूरे सोलापुर में पानी...

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  • 05सोलापुर नगर ​​परिषद

    सोलापुर नगर ​​परिषद

    सोलापुर नगरपालिका परिषद सोलापुर जिले के नागरिकों के बीच गर्व करने के लिए एक कारण है। सोलापुर, भारत का ऐसा शहर है जहांआजादी के काफी साल पहले ही तीन दिनों की आजादी मनाई गई थी।

    यह वाकया 1930 का है। इस दौरान ही सोलापुर नगरपालिका परिषद का निर्माण करवाया गया।...

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  • 06गोल गुम्‍बद

    गोल गुम्‍बद

    सोलापुर शहर से 100 किमी. की दूरी पर मोहम्‍मद आदिल शाह की समाधि बनी हुई है जिसे गोल गुम्‍बद के नाम से जाना जाता है। इस गुम्‍बद के अन्‍दर एक फुसफुसा गैलरी बनी हुई है जिसमें हर तरफ से आवाज सुनाई देती है। यह गुम्‍बद पूरी दुनिया में सबसे शानदार है...

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  • 07भगवंत मंदिर

    भगवंत मंदिर

    भगवान विष्‍णु को समर्पित यह मंदिर सोलापुर जिले में स्थित है जो काफी प्राचीन है। इस मंदिर का निर्माण 1245 ई. में किया गया था। 800 साल पुराने इस मंदिर की वास्‍तुकला की शैली हेंमतपादी शैली है जो उत्‍तर भारत के कई मंदिरों में देखी जा सकती है। इस मंदिर में...

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  • 08नलदुर्ग

    नलदुर्ग

    महाराष्ट्र राज्य में उस्मानाबाद जिले में स्थित नलदुर्ग सोलापुर से 45 किमी. दूर है। नलदुर्ग में सुंदर झरने और किले अपनी अनोखी छटा बिखेरते है। बारिश के मौसम में नलदुर्ग घुमने का अलग मजा है।

    यह किला एक ऐतिहासिक आश्‍चर्य बना हुआ है जो इंडो- क्‍लासिक...

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  • 09रिवानसिद्धेश्‍वर मंदिर

    रिवानसिद्धेश्‍वर मंदिर

    यह सोलापुर जिले की एक पुरानी जगह है जहां पूजा की जाती है। इसके पास में ही नंनाज  और मोती बाग स्थित है। मंदिर परिसर के पास में एक भारतीय बस्टर्ड अभयारण्य भी है, यह सभी जगह मिलकर एक आदर्श पर्यटक स्‍थल बनाते है। यह मंदिर एक महान संत रिवानसिद्धेश्‍वर के...

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  • 10इंद्र भवन

    इंद्र भवन

    इंद्र भवन का निर्माण 1907 में स्वर्गीय श्री अप्पासाहेब वारेड़ ने करवाया था। यह भवन तीन मंजिला बना हुआ है। वर्तमान में सोलापुर नगरनिगम द्वारा इस भवन की देखभाल की जा रही है।

    सुबह 11 से शाम 7 बजे तक इस भवन को घुमा जा सकता है।

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  • 11रामलिंगवेश्‍वर मंदिर

    रामलिंगवेश्‍वर मंदिर

    यह मंदिर शहर से 70 किमी. दूर स्थित है जो पूरी तरह से शांतिपूर्ण इलाके में बना हुआ है। इस मंदिर के आसपास पर्यटक परिवार केसाथ अच्‍छा समय बिता सकते है।

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  • 12असर महल

    असर महल

    असर महल का निर्माण 1646 में मोहम्मद आदिल शाह ने करवाया था। इस महल में एक न्‍याय हॉल बना हुआ है जिसमें कई चित्र सजे हुए हैजो उस काल की कलाकारी और सादगी को बयां करते है। महल के पीछे एक मस्जिद भी है जिसमें महिलाओं को जाने की आज्ञा नहीं थी। फिलहाल असर महल की...

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  • 13करमाला

    करमाला

     करमाला गांव में कई ऐतिहासिक मंदिर है जो काफी प्रसिद्ध है। यहां का मंदिर वास्‍तुकला में अद्वितीय माना जाता है जो 96 प्रकार के महत्‍वों केसाथ जुड़ा हुआ है। यहां का कमला भवानी मंदिर सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है जिसका निर्माण 1727 ई. में राव राजे...

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  • 14नंनाज- ग्रेट इंडियन बस्टर्ड अभयारण्य

    इस जगह को 1971 में लोकप्रिय बी एस कुलकर्णी ने पहचान दी और नंनाज- ग्रेट इंडियन बस्टर्ड अभयारण्य नाम दिया। दरअसल, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड एक स्‍थानीय पक्षी का नाम है जोकि इस इलाके में पाया जाता है।

    पक्षी जगत में यह एक अत्यंत दुर्लभ पक्षी है। यह...

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  • 15श्री दहीगुन तीर्थ

    श्री दहीगुन तीर्थ

    श्री दहीगुन तीर्थ, तुलजापुर गांव में एक प्रसिद्ध तीर्थ स्‍थल है जो शहर में ही स्थित है। इस स्‍थल में महात्‍मा बुद्ध की  244 सेमी. ऊंची काले रंग की मूर्ति रखी हुई है। मूर्ति पद्मासन करते हुए रूप में है।

    जैन धर्म के अनुयायी हर साल यहां पूजा...

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