पड़ी इग्गूथप्पा मंदिर भगवान इग्गूथप्पा को समर्पित है जिसको खास तोर पर कि कूर्ग जिले के कक्काबे में रहने वाली कोडवास प्रजाति द्वारा ज्यादा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण राजा लिंगराजेंद्र द्वारा 1810 में कराया गया और उनके शासनकाल के दौरान से ही इसे प्रसिद्धि प्राप्त है।
इग्गूथप्पा के अनुयायी उन्हें लोकप्रिय देवता सुब्रमण्य का अवतार मानते हैं और इनकी उनमे गहरी आस्था है। इग्गूथप्पा को बारिश का देवता भी माना जाता है और किसान लोग बारिश की मन्नत मांगने के लिए इनकी पूजा करते हैं। तुलभरा विशेष भेंट और दान है जिसमे देने वाले के वजन के बराबर नारियल, फल, चांवल आदि दिए जाते हैं।
लोगों की सांस्कृतिक और पारम्परिक जीवन शैली में इस मंदिर का महत्वपूर्ण स्थान है। मार्च के महीने में यहाँ कलियारची उत्सव मनाया जाता है जिसमे इग्गूथप्पा की मूर्ति का जुलुस निकाला जाता है और इसे मंदिर के बाहर से मल्लम बेट्टा पहाड़ी तक ले जाकर वापस ले जाया जाता है। इस अवसर पर कई पारम्परिक डांस भी होते हैं। यहाँ घूमने आने वाले लोगों को पड़ी इग्गूथप्पा मंदिर जरूर देखना चाहिए।



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