माथुर हैंगिंग ब्रिज या माथुर हैंगिंग तिरुवत्तर शहर के पास स्थित है तथा वास्तव में यह एक नहर या पाईप है जिसका उपयोग पानी के परिवहन के लिए किया जाता है। यह ब्रिज पहराली नदी पर बना है। इसका नाम माथुर के एक छोटे गाँव के नाम पर पड़ा जो इस ब्रिज के पास स्थित है।
माथुर ब्रिज तिरुवत्तर से 3 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा कन्याकुमारी से यह 60 किमी. की दूरी पर है। इस ब्रिज की विशेषता यह है कि यह सम्पूर्ण दक्षिण एशिया का सबसे ऊंचा तथा सबसे बड़ा जलसेतु है।
1966 में इस सेतु को सूखे की समस्या से निपटने के लिए बनाया गया था तथा अब यह दक्षिण भारत का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बन गया है। पर्यटकों को इस स्थान की ओर आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग ने इस क्षेत्र में कई सुविधाएं प्रदान की हैं। जलसेतु के आसपास के क्षेत्र का पूरे वर्ष प्रबंधन किया जाता है जिससे यह स्थान पर्यटकों को आकर्षक लगे। इस सेतु के केंद्र में खड़े होकर आप हरी भूमि, पश्चिमी घाट की ढलावदार पहाड़ियों और हरे घास के मैदानों का आनंद उठा सकते हैं।



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