भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज सौराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की वजह से द्वारका, सोमनाथ और दीव जैसे तटीय इलाकों की यात्रा पर बुरा असर पड़ा है। मानसून के इस पीक सीजन में यात्रियों को अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए। जलभराव वाले इलाकों से गुजरने के लिए पहले से प्लानिंग करना और मौसम की पल-पल की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
नेशनल हाईवे 48 (NH48) पर रात के समय गाड़ी चलाना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है। तटीय इलाकों की सड़कों पर हाई टाइड के दौरान अचानक पानी भरने का खतरा बना हुआ है। बेहतर विजिबिलिटी और सुरक्षित सफर के लिए ड्राइवरों को दिन के उजाले में ही यात्रा करनी चाहिए। इसके साथ ही, सौराष्ट्र की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए वेस्टर्न रेलवे (WR) का शेड्यूल चेक करना न भूलें।

गुजरात में रेड अलर्ट: यातायात पर पड़ा भारी असर
रेल यात्रियों को अचानक प्लेटफॉर्म बदलने या ट्रेनों के रुकने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, सूरत, राजकोट, जामनगर और पोरबंदर एयरपोर्ट्स पर आज उड़ानों में देरी की संभावना है। सफर के दौरान होने वाली इन देरी को ध्यान में रखते हुए अपने पास एक्स्ट्रा समय लेकर चलें। बारिश के मौसम में टिकट और आईडी की डिजिटल कॉपी साथ रखना काफी मददगार साबित होता है।
ऑरेंज अलर्ट वाले तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी है। छोटी नदियों में अचानक उफान आने की संभावना को देखते हुए पुलों की स्थिति पर नजर रखें। अपडेटेड रहकर आप सौराष्ट्र के दूर-दराज के गांवों में फंसने से बच सकते हैं।
| क्षेत्र | अलर्ट लेवल | यात्रा का मुख्य जोखिम |
|---|---|---|
| सौराष्ट्र तट | रेड अलर्ट | हाईवे पर भारी जलभराव |
| दक्षिण गुजरात | ऑरेंज अलर्ट | तटीय सड़कों पर पानी का बहाव |
| दीव/सोमनाथ | हाई कॉशन | हाई टाइड और ऊंची लहरें |
द्वारका और सोमनाथ दर्शन के लिए जरूरी टिप्स
द्वारकाधीश या सोमनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालु आज मंदिर के समय की जानकारी पहले ही ले लें। भारी बारिश की वजह से पूजा-आरती के समय या मुख्य प्रवेश द्वारों के इस्तेमाल में बदलाव हो सकता है। शहर के बीचों-बीच या ऊपरी मंजिलों पर ठहरना जलभराव के खतरे से बचने के लिए बेहतर है। इस हफ्ते होटल बुकिंग के लिए ऐसे विकल्प चुनें जिनमें रिफंड या तारीख बदलने की सुविधा हो।
सफर में देरी होने की स्थिति के लिए सूखे स्नैक्स और साफ पानी साथ रखें। बारिश तेज होने पर तटीय शहरों की स्थानीय दुकानें जल्दी बंद हो सकती हैं। पुलों के बंद होने या समुद्र की स्थिति जानने के लिए स्थानीय न्यूज चैनलों को देखते रहें। मोबाइल नेटवर्क फेल होने की स्थिति के लिए अपने पास एक फिजिकल मैप (नक्शा) रखना फायदेमंद हो सकता है।
रेड अलर्ट के बीच सुरक्षित सफर के लिए जरूरी सामान
बिजली गुल होने पर UPI पेमेंट में दिक्कत आ सकती है, इसलिए अपने पास कैश जरूर रखें। मंदिर की लाइनों में खड़े होने के लिए रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ ले जाना न भूलें। गुजरात में मानसून के दौरान यात्रा के लिए धैर्य और एक पोर्टेबल पावर बैंक बहुत जरूरी है। तटीय शहरों के बीच सफर करते समय अपने परिवार को अपनी लोकेशन की जानकारी देते रहें।
जुलाई के इस मानसून में गुजरात की यात्रा के लिए सावधानी और समझदारी जरूरी है। सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर ही भरोसा करें। अचानक होने वाली देरी से निपटने के लिए अपने ट्रैवल प्लान को थोड़ा लचीला रखें। आपकी सुरक्षित यात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने अपडेटेड हैं और ठहरने के लिए सुरक्षित जगह चुनते हैं।



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