जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर आज सुबह से गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। हाल ही में हुए लैंडस्लाइड की वजह से इस रास्ते को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। प्रशासन ने मेहर और कैफेडेरिया मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों से मलबा हटाकर रास्ता साफ कर दिया है। कश्मीर घाटी में जरूरी सामान की सप्लाई और पर्यटकों के लिए इस हाईवे का खुलना बेहद राहत भरी खबर है। हालांकि, पहाड़ों के लंबे सफर पर निकलने से पहले यात्रियों को मौसम का ताजा अपडेट जरूर चेक कर लेना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, अगर मौसम साफ रहता है तो दोनों तरफ से हल्के वाहनों (LMVs) को जाने की अनुमति दी जाएगी। आमतौर पर, गाड़ियों को दोपहर के तय कट-ऑफ टाइम से पहले नगरोटा या काजीगुंड पार करना होता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि लैंडस्लाइड वाले संकरे रास्तों पर भारी जाम न लगे। मानसून के सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी वाहनों (HMVs) के लिए समय की पाबंदी और भी सख्त रखी गई है।

NH-44 का ताजा स्टेटस और सफर के लिए जरूरी टाइमिंग
अगर NH-44 पर फिर से ब्लॉक मिलता है, तो शोपियां जिले से होकर जाने वाला मुगल रोड एक बेहतरीन विकल्प है। सुरक्षा कारणों से फिलहाल इस रास्ते पर सिर्फ छोटे वाहनों को दिन के उजाले में चलने की इजाजत है। इसके अलावा, श्रीनगर-लेह सड़क भी चालू है, लेकिन वहां भी सीजनल टाइमिंग का पालन करना होता है। जब मुख्य हाईवे पर लैंडस्लाइड या भारी बारिश जैसी चुनौतियां आती हैं, तो ये वैकल्पिक रास्ते काफी मददगार साबित होते हैं।
| सफर का जरिया | अनुमानित किराया (INR) | प्रमुख लाभ |
|---|---|---|
| JKSRTC बस | ₹500 - ₹800 | किफायती और सुरक्षित |
| शेयर्ड सूमो | ₹1,000 - ₹1,200 | कम समय में पहुंचेंगे |
| बजट हॉस्टल | ₹800 - ₹1,500 | सस्ता ठहराव |
NH-44 के यात्रियों के लिए बजट ट्रैवल और बैकअप प्लान
किफायती सफर के लिए यात्री जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम (JKSRTC) की बसों का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं, बड़े शहरों के बीच तेजी से पहुंचने के लिए शेयर्ड सूमो का किराया करीब एक हजार रुपये प्रति सीट रहता है। जो लोग सड़क के रास्ते से बचना चाहते हैं, उनके लिए जम्मू तवी तक ट्रेन एक भरोसेमंद जरिया है। अगर अचानक सड़क लंबे समय के लिए बंद हो जाए, तो आप जम्मू से श्रीनगर के लिए फ्लाइट भी बुक कर सकते हैं।
बजट का ध्यान रखने वाले मुसाफिरों को श्रीनगर या अनंतनाग में 1500 रुपये के अंदर अच्छे हॉस्टल मिल सकते हैं। इन जगहों की कैंसिलेशन पॉलिसी काफी लचीली होती है, जो अचानक रास्ता बंद होने की स्थिति में काम आती है। पहाड़ों के गीले रास्तों के लिए वॉटरप्रूफ गियर और मजबूत जूते साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए एक्स्ट्रा स्नैक्स और पावर बैंक हमेशा अपने पास रखें।
NH-44 पर सुखद सफर के लिए ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को लगातार फॉलो करते रहें। सही जानकारी होने पर आप ऐसी सुनसान जगहों पर फंसने से बच जाएंगे जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है। श्रीनगर पहुंचने का सबसे स्मार्ट तरीका यही है कि आप आधिकारिक कट-ऑफ टाइम के हिसाब से ही अपनी यात्रा शुरू करें। हिमालय की खूबसूरत वादियों का आनंद लें, लेकिन अपनी सुरक्षा को हमेशा सबसे ऊपर रखें।



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