धर्मनगरी उज्जैन में 17 अगस्त को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। इस दिन सावन महीने की तीसरी महाकाल की सवारी निकाली जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रशासन ने पूजा-अर्चना के शेड्यूल में बदलाव किया है। भक्तों की भारी संख्या को देखते हुए पूरे जिले में सख्त कतार व्यवस्था और व्यवस्थित ट्रैफिक कॉरिडोर बनाए गए हैं। अगर आप भी इस दौरान उज्जैन जाने की योजना बना रहे हैं, तो नए एंट्री रूट, पार्किंग जोन और ठहरने की व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी जरूर जुटा लें।
सावन के सोमवार को मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे ही खोल दिए जाते हैं। पवित्र भस्म आरती तड़के 2:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक चलती है। वहीं, आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए त्रिवेणी म्यूजियम के पास से प्रवेश मिलेगा। यह पैदल मार्ग श्रद्धालुओं को श्री महाकाल लोक और मानसरोवर भवन से होते हुए मुख्य दर्शन हॉल तक ले जाता है। इसके अलावा, प्राथमिकता के आधार पर कतारों को सुचारू रूप से चलाने के लिए गेट नंबर 1 और गेट नंबर 5 से अलग व्यवस्था की गई है।

महाकाल सवारी का रूट और भस्म आरती की टाइमिंग
| कार्यक्रम | 17 अगस्त का समय | एंट्री गेट और रूट |
|---|---|---|
| भस्म आरती | तड़के 2:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक | गेट नंबर 1 और गेट नंबर 5 |
| सामान्य दर्शन | सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक | त्रिवेणी म्यूजियम एंट्री कॉरिडोर |
| महाकाल सवारी | शाम 4:00 बजे प्रस्थान | गुदरी चौराहा होते हुए रामघाट |
महाकाल बाबा की सवारी शाम के समय मंदिर परिसर से रवाना होगी। यह पारंपरिक मार्ग गुदरी चौराहा, बख्शी बाजार और कहारवाड़ी से होते हुए शिप्रा नदी के तट पर स्थित रामघाट पहुंचेगी, जहां मुख्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद पवित्र सवारी शहर के मुख्य बाजारों से गुजरते हुए वापस लौटेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाते हुए कई जगह बैरिकेड्स और रूट डायवर्जन बनाए हैं।
उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और रुकने की टिप्स
निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तय स्मार्ट पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मेघदूत पार्किंग, त्रिवेणी और छोटा रुद्रसागर में पार्किंग की बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध है। इन बाहरी पार्किंग स्थलों से मंदिर के मुख्य बैरिकेड्स तक जल्दी पहुंचने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा मिल जाएगी। वहीं, जो लोग ऐन मौके पर होटल बुक कर रहे हैं, उन्हें महाकाल लोक के पास किफायती विकल्प मिल सकते हैं, हालांकि रिफंडेबल बुकिंग चुनना ही ज्यादा समझदारी होगी।
सावन के महीने में उज्जैन जाकर बाबा महाकाल के दर्शन करना हर भक्त के लिए एक बेहद खास और सुखद अनुभव होता है। लंबी कतारों और उमस भरे मौसम को देखते हुए अपने साथ बारिश से बचने का सामान और पानी की बोतल जरूर रखें। एकतरफा पैदल मार्ग (वन-वे रूट) का पालन करने से भीड़ कम होगी और दर्शन भी जल्दी हो सकेंगे। थोड़ी सी एडवांस प्लानिंग से आपकी श्री महाकालेश्वर मंदिर की यात्रा सुरक्षित, आसान और यादगार बन जाएगी।



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