सरकारा देवी मंदिर, केरल में एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां पर क्षेत्र की इष्टदेवी भद्राकाली की पूजा की जाती है। मंदिर में मूर्ति, उत्तर की ओर रखी हुई है। मंदिर की छत को पीतल से कवर किया गया है जो आयताकार आकार डिजायन करके लगाई गई है। मंदिर में अनगिनत मूर्तियां भगवान कृष्ण, भगवान राम, दुर्गा, भगवान गणपति,भगवान विष्णु, नरसिम्हामूर्ति हैं, इसके अलावा दूसरी मंजिल पर भी कई अन्य देवताओं की मूर्ति लगी हुई है। सरकारा देवी मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहार कालीयोट्ट और मीनाभारानी हैं।
सरकारा मंदिर के साथ एक किवंदंती भी जुड़ी हुई है कि : बहुत समय पहले, यह मंदिर जिस जगह पर स्थित था वहां पर बहुत कम ही लोगों का आना जाना था। एक बार, गुड़ का व्यापार करने वाले व्यापारियों का एक समूह इस जगह से गुजर रहा था। तभी उन्होने सड़क के किनारे स्थित एक आश्रय देखा और कुछ देर के लिए रूककर विश्राम करने का फैसला लिया। लेकिन जब वो विश्राम करके उठे तो उन्होने देखा कि उनके गुड़ के बर्तन अपनी जगह से हिल ही नहीं रहे हैं।
जब वह उन्हे उठाने की कोशिश करते तो वह बर्तन टूट जाते। इस प्रकार टूटे बर्तनों से गुड़ बहकर बाहर आ गई और चमत्कारिक ढ़ंग से इक्ट्ठा होकर एक मूर्ति में बदल गई। इसके बाद, एक बूढ़ी औरत ने इस मूर्ति को देखा और गांव वालों को इस चमत्कार के बारे में सूचित किया।
बाद में ग्रामीणों ने मिलकर एक मंदिर का निर्माण किया और मंदिर के अंदर उस मूर्ति को स्थापित कर दिया। इस प्रकार से गुड से निर्मित मूर्ति के कारण इसे सरकारा देवी मंदिर कहा जाने लगा क्यूंकि मलयालम भाषा में गुड़ को सरकारा ही कहा जाता है। सरकारा देवी मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहार कालीयोट्ट और मीनाभारानी हैं।



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