कुमाराकोम - मोहक जलाशयों पर छुट्टियाँ बिताना

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कुमाराकोम छोटे और सुंदर द्वीपों के झुँड के रूप में केरल के सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। केरल की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील, वेम्बानाड झील के तट पर बसा कुमारकोम अपने प्राचीन और मोहक सुंदरता से दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है।

कोट्टयम जिले से लगभग 16 किमी दूर स्थित यह जगह अपने जलाशयी पर्यटन के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हरियाली और नदियों से घिरा कुमारकोम का प्रायद्वीप पर्यटकों को आराम करने और फिर से स्फूर्तित होने के लिये आमंत्रित करता है।

वनस्पतियों और जीवों की शानदार प्रजातियाँ

यह क्षेत्र अपने खजूर और नारियल के पेड़ों तथा धान के खेतों के मनोहारी दृश्यों के लिए जाना जाता है। जलभराव क्षेत्र की निकटता इस जगह को स्वास्थ्यप्रद और हरे-भरे पेड़ों युक्त बनाती है। जब एक हार बारिश शुरू हो जाती है तो पूरा क्षेत्र हरियाली से भर जाता है।

कुमारकोम में केरल के सबसे प्रसिद्ध पक्षी अभ्यारण्य होने के कारण यह पक्षियों के प्रति लगाव रखने वालों के लिये एक आदर्श स्थान है। यह अभयारण्य प्रवासी पक्षियों की विविधता का घर है और साइबेरियाई क्रेन को यहां अक्सर देखा जा सकता है। इसके अलावा, यह क्षेत्र समुद्री मछली की प्रजातियों के लिये भी जाना जाता है। इनमें से सबसे प्रमुख पर्ल स्पॉट है जिसे लोकप्रिय रूप में करीमीन के नाम से जाना जाता है।

मन को मोह लेने वाली यात्रा कुमारकोम के आस पास के स्थल

जलभरावों और हाउसबोट के साथ-साथ कुमारकोम में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दर्शनीय स्थल के विकल्प भी हैं। पर्यटन के विकास में योगदान के कारण केरल की राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र को एक विशेष पर्यटन क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है। इस क्षेत्र के जलीय आकर्षण में प्रसिद्ध वेम्बनाड झील, अरुविक्कुझी झरना, कुमारकोम जलभराव और कुमारकोम समुद्रतट शामिल हैं।

जगह के अन्य पर्यटन स्थलों में बे आइलैंड ड्रिफ्टवुड संग्रहालय, जामा मस्जिद और पथिरामन्नल प्रमुख हैं। क्षेत्र में तेजी से बढ़ते पर्यटन ने यहाँ की धार्मिकता के साथ छेड़छाड़ नहीं की है और कुमारकोम में तथा आसपास के इलाके में कई मंदिर और चर्च हैं। प्रमुख मंदिरों और चर्चों में थिरूनक्कारा महादेव मंदिर, एट्टुमान्नूर महादेव मंदिर, चेरियापल्ली का सैंट मेरी चर्च, अथिरामपुझा का सैंट मेरी चर्च और वाईकॉम महादेव मंदिर शामिल हैं।

एक अलग प्रकार की संस्कृति और अद्वितीय अर्थव्यवस्था

मछली पकड़ने और कृषि के साथ साथ पर्यटन का व्यवसाय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान करता है जिससे यहाँ एक अलग ही प्रकार की संस्कृति पायी जाती है। एक जटिल जाल के रूप में पाये जाने वाले जलमार्ग और नहरें सिंचाई और परिवहन में प्रमुख योगदान करते हैं जिससे कुमारकोम एक असाधारण पर्यटक केन्द्र बन गया है।

कुमारकोम को अरुनदति रॉय की पुस्तक 'गाड ऑफ स्मॉल थिंग्स' के कारण ही देश और विदेश के पर्यटकों ने जाना, इस पुस्तक के लिये उन्हें प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया और यह आधुनिक युग की सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक बन गई। अयमनम गांव, जो इस उपन्यास का केन्द्रबिन्दु है, कुमारकोम के निकट स्थित है और 'गाड ऑफ स्मॉल थिंग्स' के प्रकाशन के बाद यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया।

हाउसबोट - एक अनोखी यात्रा का अनुभव

कुमारकोम के हाउसबोट इसे अन्य पर्यटक स्थलों से अलग करते हैं। लाखों पर्यटक हाउसबोट का आनंद लेने तथा अपना समय बिताने और जलभराव की शांति और सौंदर्य का आनंद लेने के लिए इस जगह पर आते हैं। दिन भर हाउसबोट पर घूमने या रात भर घूमने की सुविधायें भी उपलब्ध हैं जिनका चयन यात्री अपने बजट के अनुसार कर सकते हैं।

ये हाउसबोट लक्जरी नावें होती हैं जो लकड़ी के पटरों की बनी होती हैं और सभी आधुनिक सुख – सुविधाओं जैसे एयरकंडिशनर, एक से तीन बिस्तर वाले कमरे, शौचालय, रसोई, बालकनी, और मनोरंजन के विकल्पों से लैस होती हैं। ये हाउसबोट कॉर्पोरेट बैठकों, छुट्टियाँ बिताने और हनीमून के लिए बिल्कुल सटीक हैं क्योंकि हाउसबोट की यात्रा को सबसे अनोखी यात्रा के रूप में ख्याति प्राप्त है।

कुमारकोम अगस्त – सितम्बर के दौरान मनाये जाने वाले केरल के प्रमुख त्योहार ओणम के अवसर पर आयोजित नौकादौड़ के लिए प्रसिद्ध है। विभिन्न आकारों और प्रकार की नौकायें जैसे ओडी-वल्लम, कोचू- ओडीवल्लम, चुरूलन-वल्लम, इरूत्तुकुथी-वल्लम और चुन्दन-वल्लम दौड़ में भाग लेती हैं और विजेता को श्री नारायण की चलदमयन्ती ट्राफी के साथ सम्मानित किया जाता है।

स्वादिष्ट व्यञ्जनों का स्वर्ग

कुमारकोम के व्यंजन केरल के पारंपरिक जायके वाले हैं और उंगलियाँ चाट जाने वाला अनुभव प्रदान करते हैं। क्षेत्र के समुद्री भोजन की किस्में बेहद स्वादिष्ट होती हैं और पर्यटकों को इस स्वाद को चखने के लिए थोड़ा समय अवश्य निकालना चाहिए। करीमीन पोलीचाथू, तली हुई चीलमीन, उलरथियाथू झींगे, मोइली मछली और तले हुये केकड़े ऐसे व्यंजन हैं जिन्हें कोई भी छोड़ना नहीं चाहेगा।

पलप्पम मटन, केरल चिकन फ्राई, बतख रोस्ट, बीफ फ्राई, पुट्टू-कडाला, कप्पा - मछली करी और करीमीन मप्पा कुमारकोम के भोजन को एक विदेशी अनुभव देते हैं। कुमारकोम के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल होने के कारण यहाँ अच्छे रिसॉर्ट्स, बजट होटल और घरों में रुकने के स्थान उपलब्ध हैं। यात्री इन रिसॉर्ट्स और घरों में ठहरकर क्षेत्र के अद्भुत सौंदर्य और पारंपरिक जायके का आनंद ले सकते हैं।

आरामदायक मौसम के साथ आसान पहुँच में

कैसे पहुंचें कुमारकोम

कुमारकोम सड़क, रेल और वायमार्गों द्वारा देश भर से अच्छी तरह से जुड़ा है। इसके अलावा रुकने की अवधि और दरों के अनुसार क्षेत्र के लिये कई भ्रमण पैकेज उपलब्ध हैं।

कुमारकोम का मौसम

क्षेत्र में मानसून के दौरान काफी वर्षा होती है और उष्णकटिबंधीय जलवायु कुमारकोम को एक सुखद पर्यटन स्थल बनाता है।

अपने शानदार लगून, मोहक व्यंजनों, कई पर्यटन स्थलों, जादुई हाउसबोट और एक मनमोहक माहौल के कारण कुमारकोम पर्यटकों को सीमाओं से परे बाँध कर रखता है।

 

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