किशनगढ़ - संगमरमर सिटी
राजस्थान स्थित किशनगढ़ एक शहर के साथ एक नगर पालिका है जो अजमेर के उत्तर पश्चिम में स्थित है और वहां से 29 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। किशनगढ़ ब्रिटिश राज के दौरान जोधपुर रियासत......
रणथंभौर - दुर्लभ और जंगल का अनोखा संगम
रणथंभौर, को रणथंबोर और राथाम्भोरे भी पढ़ा जाता है, यह एक सचित्र गंतव्य है। यह सवाई माधोपुर शहर से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम दो पहाड़ियों के नाम रन और थम्बोर के......
अलवर – चमत्कारी स्थलों का मिश्रण
अलवर एक पहाड़ी क्षेत्र है जो राजस्थान राज्य में अरावली की पथरीली चट्टानों के बीच स्थित है। यह स्थान अलवर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस क्षेत्र को......
पुष्कर - ब्रह्मा स्थान
पुष्कर, भारत के सबसे पवित्र शहरों में से मान्यता प्राप्त शहर है। यह अजमेर शहर से 14 किमी. दूर है। इस पवित्र शहर के संदर्भ में 4 सदी के चीनी यात्री फा- हियान के......
अजमेर - अरावली की गोद में एक रत्न
अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित है जो राज्य का पाँचवा बड़ा शहर है और राजधानी शहर जयपुर से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहले इसे अजमेरे या अजयमेरु के नाम से जाना जाता......
शेखावाटी - प्राचीन हवेलियों और उत्सवों का शहर
राजस्थान के उत्तर पूर्वी रेगिस्थान में स्थित शेखावाटी, भारतीयों के लिए बहुमूल्य एतिहासिक स्थल है। महाकाव्य महाभारत में इस स्थान से संबंधित कई संदर्भ मौजूद है, कहा जाता है कि......
टोंक – दिलचस्प पौराणिक कथाओं का शहर
टोंक शहर राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है। कभी विरासत के राज्य रहे इस शहर पर भारत की स्वतंत्रता के पहले कई राजवंशों ने शासन किया। यह जयपुर शहर से 95 किमी.......
सीकर - जहाँ दिखता है पिछला इतिहास
सीकर, भारतीय राज्य, राजस्थान के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है। गुलाबी शहर, जयपुर के बाद यह दूसरा सबसे अधिक विकसित शहर है तथा सीकरजि़ले का......
भरतपुर - यहाँ, पक्षियों के साथ व्यक्तिगत हो सकते हैं आप
भरतपुर भारत का एक जाना माना पर्यटन गंतव्य है। इसे राजस्थान का पूर्वी द्वार भी कहा जाता है और यह राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है। यह एक प्राचीन शहर है जिसका निर्माण वर्ष......
जयपुर - गुलाबी नगरी
जयपुर, भारत के पुराने शहरों में से एक है जिसे पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। राजस्थान राज्य की राजधानी कहा जाने वाला जयपुर शहर एक अर्द्ध रेगिस्तान क्षेत्र में......
सरिस्का - एक बहुमुखी पर्यटक गंतव्य स्थल
राजस्थान के अलवर जिले में जयपुर से 110 किमी की दूरी पर स्थित 'सरिस्का' एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह स्थान 1995 में स्थापित सरिस्का राष्ट्रीय बाघ अभ्यारण के लिए प्रसिद्ध है।......
करौली - पवित्रता का मार्क
करौली राजस्थान में एक जिला है जो जयपुर से 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । ये जिला 5530 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है । पूर्व में इस स्थान का बाम कल्याणपुरी......
आभानेरी - एक प्रसन्न देवी का हेमलेट
आभानेरी, जयपुर - आगरा रोड पर जयपुर से 95 किमी की दूरी पर स्थित है । ये राजस्थान के दौसा जिले में एक गांव है । जो अपने सीढ़ीदार कुओं के कारण लोगों के बीच खासा लोकप्रिय......
पिलानी - जहां विद्वानों को बढ़ावा दिया जाता है
पिलानी राजस्थान के शेखावती क्षेत्र का एक छोटा सा शहर है। पिलानी अपने कई शैक्षणिक संस्थानों के लिये जाना जाता हो जिनमें से 'बिट्स, पिलानी' प्रमुख है। यह कस्बा दिल्ली से 180 किमी......
लाडनू - जैन देवताओं की भूमि
राजस्थान के नागौर जिले में स्थित लाडनू एक पर्यटक स्थल है। यह शहर पहले चंदेरी नगरी के नाम से जाना जाता था। यह स्थान परमश्रद्धेय व्यक्तित्व आचार्य तुलसी की जन्मस्थली है,उन्होनें......