हचाप्पय्या मत्था, ऐहोल में स्थित मंदिरों में से प्रमुख है जो भगवान शिव को समर्पित है और ऐहोल गांव के पश्चिमी ओर स्थित है। इस गुडी को 8 वीं सदी में बनवाया गया था। इस मंदिर में एक मुख्यमंडप, एक गर्भगृह और चालुक्य शैली में बनी कृतियां भी देखने को मिलती है। यह मंदिर लाद खान मंदिर के पास में स्थित है जो यहां की उत्कृष्ट वास्तुकला के नमूनों में से एक है।
इस मंदिर क छतों पर त्रिमूर्ति के चित्र भी बने हुए है, यहां नटराज की मूर्ति भी बनी हुई है जिसे लगभग 12 वीं शताब्दी में बनवाया गया था। इस मंदिर के भीतरी परिसर में सुंदर और खूबसूरत नक्काशीदार चित्र बने हुए है। मंदिर के भीतर चौकोर आकार के खंभे भी बने हुए है जिन पर सुंदर सी नक्काशी है। मंदिर की बाहरी दीवारों पर भगवान नरसिम्हा के तीन रूपों के चित्र भी लगे हुए है।
यह मंदिर, स्थानीय पर्यटकों के बीच खासा प्रसिद्ध है और अगर ऐहोल आने पर पर्यटकों को समय मिलें तो यहां अवश्य आएं।



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