करूमडी कुट्टन (जिसका शाब्दिक अर्थ है करूमडी का लड़का) नाम क्षेत्र के सबसे पुराने बौद्ध स्थापना केन्द्र को दिया गया है। बौद्ध धर्म अपने शुरुआत से चरम तक भारत के कई राज्यों और संस्कृतियों से गुजरा है। कई क्षेत्रों में अभी भी अतीत के इस क्रम के कई चिन्ह मिलते हैं। करूमडी कुट्टन ऐसी ही 9वीं सदी की एक स्मृति है जो अलेप्पी शहर में मौजूद है।
ऐसी कई प्राचीन घरोहरें प्राकृतिक आपदा अथवा मनुष्य की विध्वंसक गतिविधियों के द्वारा नष्ट की जा चुकी हैं लेकिन ग्रेनाइट की बनी यह मूर्ति अभी भी बची है जो कि केरल का अकेला बौद्ध मन्दिर है। हलांकि एक हाथी के आक्रमण के कारण मूर्ति को नुकसान अवश्य हुआ है लेकिन भक्त मन्दिर की अनन्त उपस्थिति और आध्यात्म को महसूस कर सकते हैं।



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