सुयाल और कोसी नदी के बीच 5 किमी लंबी घोड़े की पीठ के आकर की पहाड़ी पर बसा अल्मोड़ा कुमाऊं क्षेत्र का बेहद चर्चित हिल स्टेशन है। हरे भरे सुंदर जंगलों से घिरा यह शहर समुद्र तल से 1651 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां चंद वंश और कत्यूरी वंश ने 15वीं और 16वीं शताब्दी में शासन किया था। अल्मोड़ा की पहाड़ियों से पर्यटक हिमालय की बर्फ से ढंकी चोटियों का विहंगम नजारा देख सकते हैं। इस जगह की कई ऐसी खासियत है, जिससे विश्व भर के पर्यटक इनकी ओर खिंचे चले आते हैं।
कसार देवी मंदिर, नंदा देवी मंदिर, चित्तई मंदिर और कटारमल सूर्य मंदिर यहां के कुछ प्रसिद्ध धार्मिक केंन्द्र हैं। कुमाऊं की वास्तुशिल्प शैली में बना नंदा देवी मंदिर एक प्राचीन तीर्थ स्थान है, जो चंद वंश की ईष्ट देवी को समिर्पत है। इसमें हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां का कसार देवी मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है, जो कि अल्मोड़ा से 5 किमी दूर है। ऐसा माना जाता है कि दूसरी शताब्दी में बने इस मंदिर में स्वामी विवेकानंद ने तपस्या की थी।
यहां के ब्राइट इंड कॉर्नर से पर्यटक सूर्यास्त और सूर्योदय के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं। वहीं सिमतोला और मरतोला पिकनिक मनाने के लिए एक आदर्श जगह है। अल्मोड़ा शहर से 3 किमी की दूरी पर स्थित हिरन पार्क की ओर भी पर्यटक खूब आकर्षित होते हैं।
यह पार्क हिरन, तेंदुआ और हिमालय के काले भालुओं के लिए घर के समान है। अन्य पर्यटन स्थलों में यहां गोबिंद बल्लभ पंत संग्राहलय और बिनसर वन्यजीव अभयारण्य भी काफी लोकिप्रय है। पर्यटकों के बीच माउंटेन बाइकिंग और ट्रेकिंग भी यहां चर्चा के केंद्र में रहता है।
हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अल्मोड़ा आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर है, जबकि सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। गर्मियों में अल्मोड़ा घूमना सबसे अच्छा माना जाता है, क्यूंकि इस दौरान यहां का मौसम बहुत ही खुशगवार रहता है।



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