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होम » स्थल » बडगाम » आकर्षण
  • 01खग

    खग

    बडगाम जिले की बीरवाह तहसील में स्थित यह जगह एक सुंदर जगह है जो आकर्षक दृश्‍य प्रदान करता है। यह भी एक प्रकार का चारागाह है। यह समुद्री स्‍तर से 8000 से 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसके चारो तरफ हरियाली है जो मन को सुकून पहुंचाती है।

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  • 02माला कोल

    माला कोल

    माला कोल को गूंगी और बहरी धारा कहा जाता है। यह बेहद सुंदर झरना है। विद्धानों के अनुसार, इस धारा का संत सैयद ताज-उद-दीन द्वारा कई वर्षो तक अनुसरण किया गया था। इसके पास में ही सुत हरन नामक सुंदर पर्यटन स्‍थल भी मौजूद हैं।

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  • 03नाकेवाईर पाल

    नाकेवाईर पाल

    इसे नास्‍ट्रिल रॉक के नाम से भी जाना जाता है जो समुद्र स्‍थल से 14000 फीट की ऊंचाई पर बडगाम जिले में स्थित है। कहा जाता है कि यह जगह पहले एक झील थी और य‍हां नौकाओं को पत्‍थरों से एंकर डाल कर रोका जाता था। इस लोहे के हुक को वर्तमान में लाल खानेन घर...

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  • 04अहरबाल झरना

    अहरबाल झरना

    अहरबाल एक लोकप्रिय और सुंदर झरना है जो 24.4 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह एक प्रसिद्ध पिकनिक स्‍पॉट भी है। अहरबाल झरना, विशभ नदी से आता है। पर्यटक यहां आकर पास में ही बहने वाली नदी कौनसेरनाग को भी देख सकते हैं।

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  • 05इमामबाड़ा बडगाम

    इमामबाड़ा बडगाम

    इमामबाडा बडगाम का निर्माण, 1857 में आगा सैयद मोहम्‍मद ने करवाया था। यह धार्मिक स्‍थल, कश्‍मीरी शिया मुस्लिमों के लिए विशेष महत्‍व रखता है। इतिहासकारों के अनुसार, आगा सैयद मेहदी जो एक शिया थे, प्रतिदिन यहां आकर इमामबाड़ा में प्रार्थना किया करते थे...

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  • 06सूत हरान

    सूत हरान

    सूत हरान एक प्रसिद्ध वसंत है जो बडगाम जिले के छोटे से तोषामैदान में स्थित है। यहां पर भारत और जनवादी चीन की सीमा रेखा बनी हुई है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्‍णु के अवतार माने जाने वाले भगवान राम ने वनवास के समय यहां अपनी पत्‍नी सीता और भाई...

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  • 07नीलनाग

    नीलनाग

    नीलनाग एक सुंदर झील है जिसके लिए पर्यटकों को घने जंगलो से होकर गुजरना पड़ता है। झील बिल्‍कुल खड़ी अवस्‍था में ऊपर से नीचे गिरती है और रंग बिल्‍कुल नीला है इसीकारण इसे नीलनाग कहा जाता है।

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  • 08बाबा लतीफ - उद - दीन की कब्र

    बाबा लतीफ - उद - दीन की कब्र

    यह कब्र शहर के पोसखर गांव में बनी हुई है जिसे पहले लूडो रैना के नाम से जाना जाता था। लतीफ - उद - दीन,बाबा शेख उल आलम के करीबी शिष्‍यों में से एक था जिन्‍होने धर्म के लिए घर और परिवार छोड़ दिया और कई वर्षो तक गुफा में तपस्‍या करते रहे। बाद में इस गांव...

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  • 09शाम डेड की कब्र

    शाम डेड की कब्र

    यह कब्र शहर के पोसखेर गांव में स्थित है। इस जगह पर शाम डेड का दफनाया गया था जो एक अध्‍यात्‍मवाद से परिपूर्ण स्‍त्री थी और हजरत शेख नूर - उद - दीन नूरानी और बाबा लतीफ - उद - दीन काजी की शिष्‍य थी। शाम के समय में इस स्‍त्री की मौत होने के कारण इस...

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  • 10नारा नाग

    नारा नाग

    नारा नाग को नारायण नाग के रूप में जाना जाता है। यह सुंदर वसंत खग के पास स्थित है। इस स्‍त्रोत को तोषामैदान झील से जुड़ा हुआ माना गया है। कहा जाता है कि यहां के पानी का स्‍त्रोत जमीन के काफी नीचे से है। यहां के स्‍थानीय लोगों में किंवदंती है कि एक बार...

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  • 11गंधक नाग

    गंधक नाग

    यह झरना बडगाम के दरंग खाईपोरा गांव में स्थित है। इस झरने के पानी में काफी मात्रा में सल्‍फर पाया जाता है। इसी कारण यहां का पानी त्‍वचा के रोगों के लिए रामबाण इलाज माना जाता है।

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  • 12सैयद ताज-उद-दीन और सैयद अला-उद-दीन का मकबरा

    सैयद ताज-उद-दीन और सैयद अला-उद-दीन का मकबरा

    सैयद ताज-उद-दीन और सैयद अला-उद-दीन का मकबरा, सिंकदरपोरा में स्थित लोकप्रिय मकबरों में से एक हैं। सैयद अला-उद-दीन, सैयद ताज-उद-दीन का बेटा था और उन दोनों ने अपना पूरा जीवन इसी जगह बिता दिया था। जब उन लोगों की मृत्‍यु हो गई तो उनकी स्‍मृति में यहां मकबरा...

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  • 13शेख नूर-उद-दीन की कब्र

    शेख नूर-उद-दीन की कब्र

    यह कब्र श्रीनगर से 28 किमी. की दूरी पर स्थित है। इसे कश्‍मीर के ध्‍वज वाहक के रूप में जाना जाता है। जानकारी के लिए ज्ञात हो कि शेख नूर इस्‍लाम धर्म का प्रचार और प्रसार किया करते थे। उनकी मृत्‍यु के बाद अफगान के राज्‍यपाल मोहम्‍मद खान ने...

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  • 14सुखनाग

    सुखनाग

    सुखनाग को सोखाननाग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सुंदर झरना है जो बडगाम जिले के तोसामैदान में स्थित है। यह झरना 20 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जिस स्‍थान से यह गिरता है उसे कंज जुबली के नाम से पुकारा जाता है। सुखनाग का मुख्‍य स्‍त्रोत अहीज धारा है। यह...

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  • 15संग - ए - सफेद

    संग - ए - सफेद

    यह एक अंडाकार घास का मैदान है जो दूधगंगा की धारा से विभाजित है। बडगाम में ऐसे अन्‍य घास के मैदान है जैसे - हैगिन और युसमार्ग। यहां आपको स्‍थानीय परिवार अक्‍सर पिकनिक मनाते दिख जाएगे।

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